सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत ने वैश्विक मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ अपनी कड़ी नीति को दोहराते हुए एक स्पष्ट संदेश दिया कि अब आतंक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सोमवार को विभिन्न देशों में भारतीय प्रतिनिधिमंडलों ने आतंकवाद के विरुद्ध भारत की ‘जीरो टालरेंस’ नीति को मजबूती से रखा। लंदन, अल्जीरिया और मलेशिया में तीन अलग-अलग प्रतिनिधिमंडलों ने संबंधित देशों के नेताओं से मुलाकात की और एकजुटता की अपील की।
लंदन में भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने ब्रिटेन की भारत-प्रशांत मंत्री कैथरीन वेस्ट से मुलाकात की। बैठक में कैथरीन वेस्ट ने भारत के साथ मिलकर आतंकवाद से लड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रतिनिधिमंडल ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करते हुए आतंकवाद को वैश्विक खतरा बताया और कहा कि इससे पूरी मानवता खतरे में है।
अल्जीरिया में बैजयंत जय पांडा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने भी यही संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ सख्ती जरूरी है और भारत इसमें कोई ढिलाई नहीं बरतेगा।
मलेशिया में संजय कुमार झा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “पानी और खून एक साथ नहीं बह सकता,” यह पाकिस्तान को इशारा था कि जब तक आतंक का समर्थन होता रहेगा, रिश्तों में सुधार संभव नहीं।
इस तरह भारत ने न सिर्फ आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग की मांग की, बल्कि स्पष्ट कर दिया कि अब केवल बातें नहीं, ठोस कार्रवाई की जरूरत है।
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