सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मुभारत और अमेरिका के बीच एक “बड़ी” ट्रेड डील की संभावनाएं तेज हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में व्हाइट हाउस में ‘बिग ब्यूटीफुल बिल’ कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत के साथ जल्द ही एक बड़ी व्यापारिक डील होने वाली है। ट्रम्प ने इसे चीन के साथ हुई हालिया डील की तर्ज पर बताया।
ट्रम्प ने कहा, “अब भारत के साथ भी बहुत बड़ी डील होने जा रही है। हम हर किसी के साथ डील नहीं कर रहे, लेकिन भारत के साथ हमारी रणनीतिक और व्यापारिक साझेदारी का विस्तार होने वाला है।”
500 अरब डॉलर ट्रेड का लक्ष्य
भारत और अमेरिका के अधिकारियों ने बताया कि डील का पहला चरण जुलाई 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के वार्षिक व्यापार को वर्तमान 190 अरब डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 500 अरब डॉलर तक ले जाना है।
भारतीय मंत्रियों की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “हम एक निष्पक्ष और संतुलित व्यापार समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।” वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्पष्ट किया कि समझौता तभी फाइनल होगा, जब वह दोनों देशों के लिए समान रूप से फायदेमंद होगा।
कृषि पर सावधानी बरत रहा भारत
भारत अमेरिकी कृषि उत्पादों विशेषकर जेनेटिकली मॉडिफाइड फसलों को भारतीय बाजार में स्थान देने को लेकर सतर्क है। कृषि क्षेत्र को लेकर टैरिफ और बाजार पहुंच इस डील के सबसे चुनौतीपूर्ण मुद्दों में से एक हैं।
टैरिफ पॉलिसी से बनी दबाव की स्थिति
2 अप्रैल को ट्रम्प प्रशासन ने भारत समेत कई देशों पर टैरिफ बढ़ाने की घोषणा की थी, जिसे बाद में 90 दिनों के लिए टाल दिया गया। अब 8 जुलाई से भारत पर 26% टैरिफ लागू हो सकता है अगर समझौता नहीं होता।
ट्रेड डेफिसिट पर चिंता
2024-25 में भारत का अमेरिका के साथ ट्रेड डेफिसिट 41.18 बिलियन डॉलर रहा, जो कि लगातार बढ़ती हुई चिंता का विषय है। अमेरिका चाहता है कि इस अंतर को कम किया जाए और व्यापार को संतुलित बनाया जाए।
यह डील सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूती देने वाली साबित हो सकती है। दोनों देश अब इस पर अंतिम मोहर लगाने की ओर अग्रसर हैं।
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