सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था, जब दोनों देशों ने एक-दूसरे पर ड्रोन हमले किए। इस विवाद के बीच यह खबर सामने आई कि पाकिस्तान को ये ड्रोन तुर्किये से प्राप्त हुए हैं। भारत ने तुर्किये के इस रवैये को विश्वासघात और दोस्ती में गद्दारी माना है। इससे दोनों देशों के बीच संबंध और तनावपूर्ण हो गए हैं।

भारत ने अब तुर्किये के खिलाफ व्यापार और पर्यटन दोनों क्षेत्रों में प्रहार शुरू कर दिया है। चर्चित उद्योगपति हर्ष गोयनका ने ट्वीट कर बताया कि भारतीयों ने तुर्किये और अजरबैजान को पिछले वर्षों में पर्यटन के जरिए लगभग 4000 करोड़ रुपए का योगदान दिया है। लेकिन अब यह दोनों देश पाकिस्तान के समर्थन में खड़े हैं, जिससे भारत में तुर्किये के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।

भारतीय नागरिकों और व्यवसायों द्वारा तुर्किये के खिलाफ बहिष्कार की मांग तेज हो रही है। इस बहिष्कार का असर तुर्किये की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने की संभावना है, क्योंकि भारत से आने वाले पर्यटक और व्यापारिक लेनदेन दोनों ही इस देश के लिए महत्वपूर्ण हैं। ट्रैवल सेक्टर में कमी के कारण तुर्किये को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के बहिष्कार से तुर्किये को अपनी विदेश नीति और पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है। भारत की यह कड़ी कार्रवाई स्पष्ट संदेश है कि दोस्ती में विश्वासघात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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