सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :रूस से तेल और गैस आयात करने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने के लिए अमेरिका में एक नया विधेयक पेश किया गया है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। इस प्रस्तावित बिल में रूस से ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर 500% तक आयात शुल्क लगाने का प्रावधान है।

भारत ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को कहा, “हम पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अगर यह बिल हमारे राष्ट्रीय हितों को प्रभावित करता है, तो हम जरूरी जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”

उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिकी सांसदों से सीधे संपर्क किया है और उन्हें भारत की ऊर्जा जरूरतों और सुरक्षा को लेकर अपनी चिंताएं स्पष्ट रूप से बता दी हैं। भारतीय दूतावास और अमेरिका में राजदूत तरणजीत सिंह संधू लगातार अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों से बातचीत कर रहे हैं।

जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अपने रणनीतिक हितों की रक्षा करने में सक्षम है और अमेरिका के साथ साझेदारी को लेकर प्रतिबद्ध है, लेकिन किसी भी एकतरफा निर्णय का भारत के हितों पर असर पड़ा तो इसका उपयुक्त जवाब दिया जाएगा।

यह विधेयक ऐसे समय में लाया गया है जब भारत रूस से भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीद रहा है और वह अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विविध स्रोतों की तलाश में है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि यह प्रस्ताव कानून बनता है, तो यह भारत की ऊर्जा रणनीति पर सीधा असर डाल सकता है।

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