सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल / नई दिल्ली : विदेश मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी 2024 की वार्षिक रिपोर्ट में भारत की वैश्विक कूटनीतिक उपलब्धियों और उसकी बढ़ती अंतरराष्ट्रीय साख को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने पिछले वर्ष कई वैश्विक मंचों पर प्रभावशाली भूमिका निभाई और अनेक वैश्विक चुनौतियों का मजबूती से सामना किया।
रिपोर्ट में बताया गया कि भारत ने जी-20, जी-7, ब्रिक्स, क्वाड और शंघाई सहयोग संगठन जैसे वैश्विक मंचों में न केवल सक्रिय भागीदारी निभाई, बल्कि अपनी कूटनीति के जरिए वैश्विक दक्षिण की आवाज भी बुलंद की। भारत ने ‘वॉइस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट’ की मेजबानी कर विकासशील देशों के हितों को वैश्विक एजेंडे में प्राथमिकता दिलाई।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता जैसे मुद्दों पर सशक्त रुख अपनाया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि भारत ने संकट के समय 20 से अधिक देशों में राहत और बचाव कार्यों के लिए ऑपरेशन्स चलाए, जिससे उसकी वैश्विक मानवतावादी भूमिका और मजबूत हुई।
इसके अलावा, भारत ने ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के साथ मिलकर जी-20 ट्रोइका के अंतर्गत प्रभावशाली कार्य किया। 2025 के रियो डी जेनेरियो में हुए जी-20 सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भागीदारी उल्लेखनीय रही, जिसमें पहली बार अफ्रीकन यूनियन ने भी हिस्सा लिया।
यह रिपोर्ट भारत की कूटनीतिक दृष्टि और वैश्विक नेतृत्व क्षमता को प्रमाणित करती है।
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