सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने अपनी हवाई शक्ति का एक और प्रमाण पेश किया है। अब भारत दुनिया का पहला ड्यूल स्टेल्थ ड्रोन तैयार कर रहा है, जो न सिर्फ दुश्मन के हाई-रेज राडार और इंफ्रारेड सिग्नल्स से बच सकेगा, बल्कि सेकंड्स से भी कम समय में अचूक हमला भी कर सकेगा।
इस अत्याधुनिक ड्रोन को हैदराबाद स्थित स्टार्टअप वीरा डायनामिक्स और बिनफोर्ड रिसर्च लैब द्वारा रक्षा मंत्रालय के सहयोग से तैयार किया जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है ‘रामा’ (रडार अवशोषण और मल्टीस्पेक्ट्रल अनुकूली) नामक स्वदेशी नैनोटेक कोटिंग, जो राडार और इंफ्रारेड सिग्नल की पहचान को 97% तक घटा देती है। यह तकनीक अमेरिका, चीन और रूस के स्टेल्थ ड्रोन से भी अधिक उन्नत मानी जा रही है।
ड्रोन का वजन 100 किलोग्राम है और यह 50 किलो तक विस्फोटक पेलोड ले जा सकता है। सेना के लिए यह गेम-चेंजर होगा क्योंकि पारंपरिक हमलों में केवल 25-30% ड्रोन ही लक्ष्य तक पहुंचते हैं, जबकि यह नया ड्रोन 80-85% सफलता की संभावना रखता है।
वहीं, भारत ने ओडिशा के चांदीपुर से पृथ्वी-2 और अग्नि-1 मिसाइलों का भी सफल परीक्षण किया है, जो 350 किमी से 900 किमी तक मारक क्षमता रखती हैं। इन सभी प्रगति के साथ भारत तेजी से रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर है।
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