सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल   :   पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को जेल से बड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि अगर उन्हें या उनकी पत्नी बुशरा बीबी को कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पाक सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की होगी।

इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने एक बयान में बताया कि जेल में इमरान और उनकी पत्नी के साथ व्यवहार दिन-ब-दिन खराब होता जा रहा है। बुशरा बीबी के सेल में टीवी बंद कर दिया गया है और बुनियादी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।

जनता से विरोध की अपील

इमरान खान ने पाकिस्तानी जनता से मौजूदा व्यवस्थाओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की अपील की है। PTI ने 5 अगस्त से इमरान की रिहाई के लिए देशव्यापी प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरान के दो बेटे सुलेमान और कासिम इस आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

इमरान बोले: “आतंकवादियों से भी बदतर स्थिति में हूं”

इमरान खान ने कहा कि, “जेल में दोषी आतंकवादियों को भी मुझसे बेहतर सुविधा दी जाती है। एक सैन्यकर्मी VIP ट्रीटमेंट का आनंद ले रहा है, लेकिन मुझे लगातार मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है।”

उन्होंने आगे जोड़ा, “चाहे कुछ भी हो जाए, मैं उत्पीड़न के आगे कभी नहीं झुकूंगा।

असीम मुनीर से पुरान रंजिश का आरोप

इमरान ने दावा किया कि जनरल असीम मुनीर उनसे निजी दुश्मनी का बदला ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब मुनीर को ISI चीफ के पद से हटाया गया था, तब उन्होंने उनकी पत्नी को एक संदेश भेजा था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। इमरान का आरोप है कि तभी से असीम मुनीर उन्हें और उनकी पत्नी को मानसिक रूप से तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

PTI का “इमरान खान को आज़ाद करो” आंदोलन

इमरान खान की पार्टी PTI ने 5 अगस्त से “इमरान खान को आज़ाद करो” नामक अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। पार्टी की योजना है कि वह शहबाज शरीफ सरकार और सेना पर दबाव बनाए।

इमरान की बहन अलीमा खान ने भी बयान दिया कि अगर इमरान या उनकी पत्नी को कोई खतरा हुआ, तो इसके लिए सीधे तौर पर असीम मुनीर जिम्मेदार होंगे

पहली बार आगे आए इमरान के बेटे

इमरान खान के बेटे सुलेमान इसा खान (29) और कासिम खान (26) जो अब तक राजनीति से दूरी बनाए हुए थे, अब 5 अगस्त को होने वाले विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने की योजना बना रहे हैं। ये दोनों लंदन में रहते हैं, लेकिन इस बार वे लाहौर की रैली में शामिल हो सकते हैं।

कासिम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया: “हमारे पिता पिछले 700 दिनों से जेल में हैं। उन्होंने पाकिस्तान के लिए सब कुछ बलिदान किया, जबकि वे आराम से इंग्लैंड में हमारे साथ रह सकते थे।” उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान को वकीलों से मिलने नहीं दिया गया और न ही उनके निजी डॉक्टर से मिलने की अनुमति दी जा रही है।  इमरान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने भी दावा किया है कि उनके बच्चों को अपने पिता से फोन पर बात करने की इजाजत नहीं दी गई।

निष्कर्ष

इमरान खान की यह लड़ाई अब केवल कानूनी या राजनीतिक नहीं, बल्कि मानवाधिकार और निजी स्वतंत्रता की लड़ाई बन चुकी है। उनके बेटे अब सक्रिय रूप से आगे आकर इस आंदोलन का चेहरा बन रहे हैं। अब देखना होगा कि PTI का यह अभियान पाकिस्तान की राजनीति में कितना असर डालता है।

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