सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की बोर्ड बैठक में आज (3 जुलाई 2025) तीन बड़े निर्णयों पर मुहर लगाई गई है, जिनका प्रभाव निवेशकों और बैंक के भविष्य पर गहरा पड़ सकता है। साथ ही बैंक के शेयरों में लगातार चौथे दिन तेजी दर्ज की गई, जो निवेशकों के उत्साह को दर्शाता है।

बैंक के तीन प्रमुख फैसले:

  1. फंडरेज समझौते में बदलाव:

बैंक ने 7,500 करोड़ रुपये के प्रस्तावित फंडरेज के अंतर्गत करंट सी इन्वेस्टमेंट्स बी.वी. के साथ 17 अप्रैल 2025 को किए गए निवेश समझौते में संशोधन को मंजूरी दी है। इस संशोधन के तहत करंट  Sea को अब बैंक के बोर्ड में एक नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नामित करने का अधिकार मिलेगा। यह संशोधित समझौता एक नए निवेश समझौते के रूप में प्रभावी होगा।

  1. डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट तय:

आईडीएफसी  फर्स्ट बैंक ने पात्र शेयरधारकों के लिए डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 11 जुलाई 2025 तय की है। यानी इस तारीख तक रजिस्टर्ड निवेशक डिविडेंड के हकदार होंगे।

  1. नए ऑडिटर्स की नियुक्ति:

बोर्ड ने कंपनी के वित्तीय ऑडिट के लिए नए चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की नियुक्ति को भी स्वीकृति दी है।

शेयर की चाल:

बैंक के शेयर सोमवार को जहां ₹72 के आसपास थे, वहीं चार दिनों की निरंतर तेजी के बाद आज ₹77.55 तक पहुंच गए हैं। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों को बैंक की रणनीति और विस्तार योजनाओं पर भरोसा है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की ये घोषणाएं इसके दीर्घकालिक विकास और निवेशकों के लिए संभावनाओं को दर्शाती हैं।

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