सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान भोपाल में “शिक्षकों के लिए पंचकोशी शिक्षा” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अवनीश भटनागर, अखिल भारतीय उपाध्यक्ष, विद्या भारती थे । उन्होंने भारतीय शिक्षा दर्शन में वर्णित पंचकोशीय अवधारणा को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए बताया कि कैसे एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों को शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक और आत्मिक स्तरों पर सशक्त बना सकता है। श्री भटनागर ने समझाया कि शिक्षा केवल सूचना देना नहीं, बल्कि एक समग्र व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि पंचकोशी शिक्षा में पाँच स्तर शामिल हैं: अन्नमय कोश – शारीरिक स्वास्थ्य और अनुशासन, प्राणमय कोश – ऊर्जा और जीवन शक्ति का विकास, मनोमय कोश – भावनात्मक संतुलन और विचार शुद्धि, विज्ञानमय कोश – विवेक, बुद्धि और निर्णय क्षमता, आनंदमय कोश – नैतिकता, आध्यात्मिकता, आत्मिक संतुष्टि और आंतरिक शांति l
उन्होंने बताया कि यदि शिक्षक स्वयं इन पाँच स्तरों पर सजग और जागरूक हों, तो वे विद्यार्थियों के लिए आदर्श बन सकते हैं। उन्होंने यह भी बल दिया कि आज की शिक्षा प्रणाली में इन कोशों पर आधारित प्रशिक्षण की अत्यंत आवश्यकता है, ताकि शिक्षण प्रक्रिया को केवल ज्ञान-केन्द्रित न रखकर जीवन-केन्द्रित बनाया जा सके l दुनिया में ट्रेड का ग्लोबलाइजेशन होता है लेकिन भारत वसुधेव कुटुंबकम के विचार का ग्लोबलाइजेशन करता है l संस्थान के निदेशक ने भटनागर का आभार प्रकट किया और कहा कि संस्थान भविष्य में पंचकोशी शिक्षा पद्धति को शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का हिस्सा बनाने की दिशा में कार्य करेगा। कार्यक्रम के समन्वयक पी. के. पुरोहित ने कहा कि यह व्याख्यान न केवल एक शैक्षणिक संवाद था, बल्कि शिक्षकों के स्व-विकास और आंतरिक चेतना के जागरण का माध्यम भी बना। यह दृष्टिकोण आज के शैक्षणिक परिप्रेक्ष्य में अत्यंत प्रासंगिक है। इस अवसर पर संस्थान के संकाय सदस्य, एवं विभिन्न राज्यों से प्रशिक्षणरत प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन बबली चतुर्वेदी ने किया l

#पंचकोशी_शिक्षा #NITTTR_भोपाल #शिक्षक_प्रशिक्षण #भारतीय_शिक्षा #समग्र_विकास #विशेष_व्याख्यान