सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल  :  कोरोना महामारी के शुरुआती दौर अप्रैल 2020 में जब अमेरिका एक घातक संकट से जूझ रहा था, तब भारत ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए अमेरिका को 50 लाख हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन  टैबलेट भेजीं। उस समय इस दवा को कोविड-19 के इलाज में कारगर माना जा रहा था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक अनुरोध पर भारत ने तत्काल मलेरिया-रोधी इस दवा का निर्यात किया, जिससे अमेरिका को थोड़ी राहत मिली। यह उस समय की बात है जब दुनिया भर में दवा संकट गहरा गया था।

लेकिन अब वही अमेरिका, भारत के खिलाफ व्यापारिक दबाव बना रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी है। उनका आरोप है कि भारत रूस से तेल खरीद रहा है, इसी वजह से यूएस-इंडिया ट्रेड डील से पहले ही भारत पर 25% टैरिफ लगा दिया गया। अब भारतीय फार्मा कंपनियों पर 250% तक टैरिफ लगाने की बात कही जा रही है।

गौरतलब है कि अमेरिका भारत की दवाओं पर काफी निर्भर है। भारत की फार्मा कंपनियां हर साल अमेरिका को जरूरी दवाओं की आपूर्ति करती हैं। ऐसे में ट्रंप का यह रवैया सवाल खड़े करता है – क्या अमेरिका भारत की मानवता को भूल गया?

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