सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सेन्टर फॉर रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल स्टाफ परफॉर्मेंस क्रिस्प के इंटीरियर डिपार्टमेंट द्वारा एक दिवसीय “Wooden Toys: Innovation & Technique” कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चली, जिसमें 26 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यशाला में बुदनी वुडक्राफ्ट के विशेषज्ञ एवं ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शर्मा ने प्रतिभागियों को पारंपरिक खिलौने निर्माण की विविध तकनीकों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि खिलौने बनाने के लिए ‘दूधी की लकड़ी’ सबसे उपयुक्त होती है, क्योंकि यह न केवल हल्की और मजबूत होती है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी होती है।

श्री शर्मा ने कार्यशाला में प्रतिभागियों को लकड़ी को रंगने की पारंपरिक तकनीक, विभिन्न प्रकार की कटिंग, लेथ मशीन का उपयोग, और लकड़ी की सतह पर लैकर पॉलिशिंग जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों को प्रायोगिक रूप से लकड़ी पर काम करने का अवसर मिला जिससे उन्हें पारंपरिक कला को आधुनिक दृष्टिकोण से समझने का अनुभव प्राप्त हुआ।

इस पूरे कार्यक्रम की समन्वयक इंटीरियर डिपार्टमेंट से सुश्री पद्मा अय्यर रहीं, जिन्होंने आयोजन की रूपरेखा, व्यवस्थाएँ और प्रतिभागियों के अनुभव को सफलतापूर्वक संचालित किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों और टीम ने एक साथ सामूहिक फोटो खिंचवाकर इस रचनात्मक अनुभव को यादगार बनाया।
कार्यक्रम की सफलता पर क्रिस्प के एम डी, डॉ. श्रीकांत पाटिल ने कहा कि, “क्रिस्प का यह प्रयास न केवल पारंपरिक शिल्प को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह स्थानीय कारीगरों और डिज़ाइन छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायक सिद्ध हो रहा है”।
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