सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में एक साक्षात्कार में स्वीकार किया कि उनके देश में शासन ‘हाइब्रिड मॉडल’ के तहत चल रहा है। इस मॉडल में सेना और नागरिक सरकार मिलकर फैसले लेते हैं। ख्वाजा आसिफ के अनुसार, सेना प्रमुख का प्रभाव इतना मजबूत है कि देश के रक्षा मंत्री भी उनके अधीन कार्य करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि निर्णय सहमति और विचार-विमर्श के बाद लिए जाते हैं।
ख्वाजा आसिफ ने यह स्पष्ट किया कि पाकिस्तान में सेना केवल एक ताकत नहीं बल्कि सरकार के साथ मिलकर शासन संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उनका यह बयान पाकिस्तान की राजनीतिक सच्चाई को उजागर करता है, जिसमें सेना का गहरा दखल रहता है। इस हाइब्रिड शासन मॉडल के चलते नागरिक सरकार और सेना के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान का यह मॉडल देश की स्थिरता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर असर डाल सकता है। ख्वाजा आसिफ के बयान से यह भी संकेत मिलता है कि पाकिस्तान में निर्णय प्रक्रिया में सेना की हिस्सेदारी हमेशा निर्णायक रही है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति और दक्षिण एशिया की सुरक्षा पर भी नजरें टिक गई हैं।
पाकिस्तान की सत्ता में सेना और सरकार का यह तालमेल उसकी विदेश नीति, आर्थिक निर्णय और सुरक्षा नीतियों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। ख्वाजा आसिफ के बयान ने यह साबित कर दिया कि पाकिस्तान में लोकतांत्रिक और सैन्य ताकतों का मिश्रण शासन का हिस्सा है।
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