सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ से 2026 तक अमेरिका में गरीबी की संख्या में लगभग 10 लाख की वृद्धि हो सकती है। येल यूनिवर्सिटी के बजट लैब द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार, टैरिफ और इससे जुड़ी कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर कम आय वाले परिवारों पर पड़ेगा।
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि टैरिफ अमेरिकी परिवारों पर एक अप्रत्यक्ष कर के समान है, क्योंकि यह आय के बजाय वस्तुओं और सेवाओं पर लगता है। कम आय वाले परिवार अपनी आय का अधिक हिस्सा जीवन-यापन पर खर्च करते हैं और अक्सर आयातित उत्पाद अधिक खरीदते हैं, जिससे उन्हें टैरिफ की मार सीधे पड़ती है।
अध्ययन में पूरक गरीबी माप का विश्लेषण करने पर पाया गया कि 2026 में गरीबी दर 12 प्रतिशत से बढ़कर 12.2 प्रतिशत हो जाएगी। अमेरिकी जनगणना ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल अमेरिका में 3.6 करोड़ लोग गरीबी में जी रहे थे।
हालांकि, ट्रंप द्वारा लगाए गए ज्यादातर टैरिफ अभी कानूनी रूप से अधर में हैं। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट इस पर फैसला ले सकता है, जिससे 2025 में लगाए गए टैरिफ का 71 प्रतिशत हट सकता है।
ट्रंप के कार्यकाल में यह टैरिफ दर ऐतिहासिक रूप से उच्च है। इस वर्ष औसत प्रभावी टैरिफ दर बढ़कर 17.4 प्रतिशत हो गई है, जो 1935 के बाद से सबसे अधिक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह टैरिफ बनी रहे, तो इसका सबसे बड़ा झटका अमेरिकी कम आय वाले परिवारों को लगेगा।
#ट्रंपटैरिफ #अमेरिकागरीबी #आर्थिकप्रभाव #महंगाई #TariffImpact