सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल / काठमांडू : नेपाल में हालिया हिंसा केवल सोशल मीडिया ऐप्स पर लगे प्रतिबंध के विरोध तक सीमित नहीं रही। Gen-Z के युवाओं ने संसद और राष्ट्रपति भवन पर हमला किया, जिसमें 19 लोगों की मौत हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस हिंसा के पीछे सोशल मीडिया प्रतिबंध से बढ़कर कई गहरी वजहें हैं।
नेपाल में भ्रष्टाचार और घोटाले लंबे समय से आम चर्चा का विषय रहे हैं। सरकारी और निजी संस्थाओं में Nepotism के कारण युवाओं में नौकरी और अवसरों को लेकर असंतोष बढ़ा है। बेरोजगारी और आर्थिक मंदी ने भी युवाओं को नाराज किया है। इसके अलावा, नेपाल में राजशाही लौटाने की मांग और राजनीतिक अस्थिरता ने स्थिति को और जटिल बना दिया।
युवाओं में भारत के साथ दूरी और चीन से बढ़ती करीबी को लेकर भी विरोध है। सोशल मीडिया प्रतिबंध केवल उस नाराजगी का अंतिम बिंदु था, जिसने फूट डालने का काम किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने गुस्से का प्रदर्शन किया।
विश्लेषकों का कहना है कि नेपाल में स्थायी समाधान के लिए केवल सोशल मीडिया प्रतिबंध हटाना पर्याप्त नहीं है। युवाओं के लिए रोजगार, पारदर्शिता और राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। इस हिंसा ने नेपाल के राजनीतिक और सामाजिक ढांचे में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
नेपाल सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया है और सभी राजनीतिक दलों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
#नेपालहिंसा #NepalProtest #GenZProtest #भ्रष्टाचार #बेरोजगारी