सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा विश्वविद्यालय के एन.एस.एस. कार्यालय में जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले की सभी महाविद्यालयों एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों की एन एस एस इकाईयों के कार्यक्रम अधिकारी उपस्थित रहें। बैठक का उद्देश्य आगामी सत्र 2025–26 के लिए योजनाओं का निर्धारण करना और एन.एस.एस. गतिविधियों को अधिक प्रभावशाली बनाना रहा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के एन.एस.एस. समन्वयक डॉ. शेखर मैदमवार ने कहा कि एन.एस.एस. विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, नेतृत्व और राष्ट्रीय एकता के मूल्य निर्माण का सशक्त मंच है। विश्वविद्यालय स्तर पर एन.एस.एस. इकाइयाँ निरंतर समाजसेवी गतिविधियों में संलग्न हैं, जिससे विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित हो रही है।अब इन इकाइयों द्वारा समाज के क्षेत्र में बहुत कार्य किए जाने हैं, इस पर कार्यक्रम तैयार किए जाने हैं।


कार्यक्रम में जिला संगठक डॉ. प्रदीप लाखरे ने माय भारत पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया, नियमित एवं विशेष शिविरों की प्रगति, स्वच्छता ही सेवा अभियान, मतदाता जागरूकता, वृक्षारोपण और युवाओं की सामाजिक भागीदारी जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि एन.एस.एस. केवल सेवा का माध्यम नहीं, बल्कि एक जीवन शैली है जो विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करती है।
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने अपने संदेश में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विश्वविद्यालय की आत्मा है, जो विद्यार्थियों में सेवा, संस्कार और संवेदना का संगम करती है। उन्होंने कहा कि यह योजना विद्यार्थियों को समाज के साथ जोड़ती है और उनमें सहयोग, नेतृत्व एवं मानवता के मूल्य स्थापित करती है। कुलगुरु ने सभी संस्थानों से आग्रह किया कि वे एन.एस.एस. के माध्यम से अधिकाधिक युवाओं को राष्ट्र निर्माण के कार्यों से जोड़ें।
बैठक में विशेषज्ञ सत्र भी सम्पन्न हुआ जिसमे मुख्य अतिथि डॉ. रमण सोलंकी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एन.एस.एस. युवाओं में सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का संचार करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब समाज को सकारात्मक ऊर्जा और सहयोग की आवश्यकता है, तब एन.एस.एस. जैसी योजनाएं युवाओं को सार्थक दिशा प्रदान कर रही हैं।
विशिष्ट अतिथि अंतरराष्ट्रीय कवि डॉ. दिनेश दिग्गज ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवा चेतना का उत्सव है, जो सेवा और संवेदना के माध्यम से सच्चे राष्ट्र निर्माण की राह दिखाती है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे एन.एस.एस. की भावना को जीवन में आत्मसात करें और समाज में परिवर्तन के वाहक बनें।
विश्वविद्यालय के एन.एस.एस. कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अजय शर्मा ने कहा कि एन.एस.एस. आज के युवाओं को विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को यह समझना चाहिए कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकारी नीतियों से नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक के सहयोग से संभव है।
कार्यक्रम का संचालन दुर्गा शंकर सूर्यवंशी ने किया तथा आभार डॉ. नीरज सारवान ने व्यक्त किया।
बैठक में जिले के विभिन्न संस्थानों के कार्यक्रम अधिकारियों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए और आगामी वर्ष के लिए कार्ययोजना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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