सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत और ऑस्ट्रेलिया ने रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए तीन महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान यह कदम उठाया गया। समझौतों में सूचना साझा करने, पनडुब्बी खोज में सहयोग और संयुक्त स्टाफ वार्ता की रूपरेखा शामिल है।
राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि आतंक और बातचीत साथ नहीं चल सकते। उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए दोनों देशों का सहयोग महत्वपूर्ण है। दो दिवसीय यात्रा के दौरान राजनाथ ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और विदेश मंत्री पेनी वोंग से भी मुलाकात की। उन्होंने कैनबरा में ऑस्ट्रेलियाई युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित कर सम्मान जताया।
इन समझौतों के तहत दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी में वृद्धि होगी। पनडुब्बी खोज और संयुक्त स्टाफ वार्ता के लिए एमओयू दोनों देशों के रक्षा तंत्र के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करेगा। इसके अलावा, आतंकवाद और क्षेत्रीय खतरों के खिलाफ साझा नीति बनाने में भी यह सहयोग मददगार साबित होगा।
राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध केवल रणनीतिक नहीं बल्कि रणनीति और मानव सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में दोनों देशों के बीच और अधिक अभ्यास और साझा मिशन किए जाएंगे।
यह समझौता भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते कूटनीतिक और रक्षा संबंधों का प्रतीक है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को मजबूती देगा।
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