सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल  : अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ हाल ही में चर्चा में आए रक्षा समझौते को लेकर सफाई दी है। अमेरिकी रक्षा विभाग और विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को ऐसे कोई नए हथियार नहीं दिए जा रहे हैं जिससे उसकी सैन्य क्षमता में वृद्धि हो। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी को लेकर सवाल उठ रहे थे।

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि समझौते के तहत पाकिस्तान को केवल पहले से ही अनुमोदित और परंपरागत हथियारों की आपूर्ति जारी रहेगी। इसमें कोई नई तकनीक या अत्याधुनिक हथियार शामिल नहीं हैं। अमेरिका ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की सैन्य सहायता का उद्देश्य क्षेत्र में संतुलन बनाए रखना और आतंकवाद विरोधी प्रयासों को सुदृढ़ करना है, न कि किसी देश की क्षमता बढ़ाना।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस बयान के पीछे अमेरिका की कोशिश है कि पाकिस्तान और भारत दोनों के साथ अपने रणनीतिक रिश्ते को संतुलित रखा जा सके। भारत पहले भी इस बात को लेकर चिंता व्यक्त कर चुका है कि पाकिस्तान को अत्याधुनिक हथियार मिलने से क्षेत्रीय सुरक्षा पर प्रभाव पड़ सकता है।

अमेरिका ने यह भी दोहराया कि सभी हथियारों की आपूर्ति अंतरराष्ट्रीय नियमों और सैन्य मानकों के अनुरूप होगी। यह बयान वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और कूटनीति में संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।

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