सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /   आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल  :   उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर अब तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। नामांकन वापसी की अंतिम तारीख तक किसी भी प्रत्याशी ने अपना नाम वापस नहीं लिया। ऐसे में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन और विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच सीधा मुकाबला होगा। मतदान 9 सितंबर को होगा और परिणाम उसी दिन घोषित किए जाएंगे।

दोनों ही उम्मीदवार दक्षिण भारत से ताल्लुक रखते हैं। राधाकृष्णन तमिलनाडु से आते हैं जबकि रेड्डी तेलंगाना से हैं। यह चुनाव न सिर्फ राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि दक्षिण भारत में सियासी समीकरणों पर भी असर डाल सकता है।

संख्याबल के लिहाज से देखा जाए तो राजग उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का पलड़ा भारी माना जा रहा है। एनडीए के पास लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में बहुमत है। ऐसे में राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

दूसरी ओर, विपक्ष इस चुनाव को “वैचारिक लड़ाई” करार दे रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि यह मुकाबला सिर्फ संख्याओं का नहीं, बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की जंग है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भले ही नतीजा पहले से अनुमानित हो, लेकिन यह चुनाव विपक्ष के लिए अपनी एकजुटता और विचारधारा को मजबूत करने का मंच साबित हो सकता है। वहीं राजग इसे अपनी राजनीतिक मजबूती और संगठनात्मक शक्ति के प्रदर्शन के रूप में देख रहा है।

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