सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : वॉशिंगटन डीसी से आई एक बड़ी खबर में अमेरिकी अपील कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ज्यादातर टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि ट्रम्प ने इन टैरिफ को लागू करने के लिए जिस कानून का इस्तेमाल किया, वह उन्हें असीमित अधिकार नहीं देता। हालांकि, अदालत ने इस फैसले को अक्टूबर तक लागू करने से रोक दिया है ताकि ट्रम्प सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकें।
ट्रम्प ने 6 अगस्त से कई देशों पर भारी टैरिफ लगाए थे, जिनमें चीन, मेक्सिको और भारत शामिल हैं। भारत पर 50% टैरिफ लागू किया गया, जिससे करीब ₹5.4 लाख करोड़ के निर्यात प्रभावित हो सकते हैं। इन टैरिफ से अमेरिका में भारतीय कपड़े, ज्वेलरी, फर्नीचर और सी फूड महंगे हो जाएंगे और उनकी मांग में 70% तक कमी आ सकती है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शुल्क लगाने का अधिकार संसद के पास है, राष्ट्रपति के पास नहीं। 7-4 के बहुमत से दिए गए फैसले में अदालत ने लिखा कि 1977 के अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA) का उद्देश्य राष्ट्रपति को बिना सीमा शुल्क लगाने का अधिकार देना नहीं था।
ट्रम्प ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि अगर टैरिफ हटे तो अमेरिका बर्बाद हो जाएगा। उनकी सरकार ने दलील दी थी कि टैरिफ हटाने पड़े तो 159 अरब डॉलर (करीब 13 लाख करोड़ रुपए) की वसूली वापस करनी पड़ेगी।
भारत पर यह टैरिफ खासतौर पर रूस से तेल खरीद की वजह से लगाया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब रूस से प्रतिदिन 17.8 लाख बैरल तेल खरीद रहा है, जो उसकी अमेरिकी व्यापारिक नीतियों पर बड़ा असर डाल रहा है।
#ट्रम्प #अमेरिकीकोर्ट #टैरिफ #भारत #निर्यात