सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़  भोपाल  :   अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक AI वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने अमेरिकी नागरिकों को “मेडबेड कार्ड” देने का वादा किया। इस वीडियो में ट्रंप दावा करते दिख रहे हैं कि इस कार्ड के जरिए नागरिक टॉप डॉक्टरों से इलाज करवा पाएंगे। वीडियो में ट्रंप की बहू लारा ट्रंप भी नजर आईं, जो मेडबेड का प्रचार करती दिख रही हैं।

यह AI वीडियो ट्रूथ प्लेटफॉर्म पर सामने आया है और इसे लेकर काफी विवाद खड़ा हो गया है। मेडबेड क्यूएनोन आंदोलन का हिस्सा है, जिसमें अस्थमा से लेकर कैंसर तक का इलाज करने का दावा किया जाता है। विशेषज्ञों ने इस वीडियो को डीपफेक करार दिया है और चेतावनी दी है कि ऐसे दावे सत्यापित नहीं हैं।

अमेरिकी मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर इस वीडियो को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई है। कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ और राजनीतिक विश्लेषक इसे गलत जानकारी फैलाने वाला कदम बता रहे हैं। वहीं ट्रंप समर्थकों ने इसे अमेरिकी नागरिकों के लिए लाभकारी पहल बताया।

विशेषज्ञों का कहना है कि डीपफेक वीडियो और AI तकनीक का उपयोग अब राजनीतिक और सामाजिक संदेश फैलाने में तेजी से हो रहा है। नागरिकों को सावधानी बरतने और किसी भी दावे को प्रमाणित स्रोत से जांचने की सलाह दी जा रही है।

अमेरिका और दुनिया भर के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मेडबेड कार्ड वीडियो को लेकर लगातार बहस और प्रतिक्रिया जारी है।

#ट्रंप #AIवीडियो #मेडबेडकार्ड #डीपफेक #अमेरिका