सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : संत हिरदाराम कन्या महाविद्यालय में बीसीए एवं बीसीए की नवागत छात्राओं के लिए एक विशेष संवाद सत्र का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य छात्राओं को जीवन में लक्ष्य निर्धारण, आत्मविश्वास, अनुशासन, विद्या अध्ययन और माता-पिता एवं गुरुजनों के प्रति श्रद्धा का महत्व समझाना तथा उन्हें एक उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर श्रद्धेय सिद्ध भाऊजी, संस्था प्रमुख, हीरो ज्ञानचंदानी, निदेशक डालिमा पारवानी, प्राचार्य के साथ शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम की शुरुआत में प्राचार्य डॉ. डालिमा पारवानी ने अपने उद्बोधन में जीवन में लक्ष्य निर्धारण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सकारात्मक विचार, कर्म योग, स्वस्थ संबंध और प्रसन्नता से परिपूर्ण जीवन ही सार्थक जीवन है। स्वयं का आकलन करते हुए भविष्य को बेहतर बनाने की प्रेरणा देते हुए उन्होंने आइंस्टीन और टैगोर जैसे महान विभूतियों का उदाहरण प्रस्तुत कर छात्राओं को निरंतर ज्ञानार्जन के लिए प्रोत्साहित किया। परम आदरणीय श्रद्धेय सिद्ध भाऊजी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह समय तपश्चर्या और कठिन परिश्रम का है। छात्राएं टाइम मैनेजमेंट का पालन करते हुए एकाग्रता, धैर्य और परिश्रम से अपनी पढ़ाई करें। उन्होंने विद्या अध्ययन को जीवन में सुख, सम्मान और प्रगति प्राप्त करने का आधार बताया। साथ ही विद्यार्थियों से सदैव स्वअनुशासित, विनम्र और द्वेषभाव रहित रहने का आह्वान किया।
श्रद्धेय भाऊजी ने माता-पिता और गुरुजनों के सम्मान एवं उनकी बातों को आत्मसात करने को जीवन में सफलता का मूल मंत्र बताया। उन्होंने छात्राओं को यह भी समझाया कि जीवन में किसी भी कठिनाई या असफलता से घबराकर आत्महत्या जैसा कदम कभी न उठाएं, क्योंकि जीवन अत्यंत अमूल्य है। धैर्य और विश्वास से ही हर चुनौती का सामना किया जा सकता है। इस संवाद सत्र में छात्राओं ने अपने विचार श्रद्धेय सिद्ध भाऊजी के साथ सांझा किए। जिससे सत्र छात्राओं के लिए ज्ञान, प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत सिद्ध हुआ।
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