सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में “परहित से बढ़कर कोई धर्म नहीं” है और संबल योजना इसी विचार को मूर्त रूप देती है। मंगलवार को मंत्रालय से उन्होंने संबल योजना के 7,953 हितग्राहियों के खातों में एक क्लिक से 175 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल भी मौजूद रहे। कार्यक्रम से सभी जिलों को वर्चुअल रूप से जोड़ा गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 77 लाख से अधिक श्रमिक संबल योजना में पंजीकृत हो चुके हैं और यह संख्या निरंतर बढ़ रही है। वर्ष 2018 में प्रारंभ हुई इस योजना के अंतर्गत अब तक 7 लाख 60 हजार से अधिक मामलों में श्रमिकों को 7 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि वितरित की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबी को नजदीक से देखा है, इसलिए गरीबों की पीड़ा और आवश्यकताओं को वे भलीभांति समझते हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने श्रमिकों के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार में सहयोग के लिए “श्रीपहल” योजना को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य श्रमिक परिवारों का जीवन स्तर सुधारना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
डॉ. यादव ने जानकारी दी कि मार्च 2024 से गिग एवं प्लेटफॉर्म श्रमिकों—जैसे घर-घर सामान पहुंचाने वाले और सेवा प्रदाता—को भी संबल योजना में शामिल किया गया है। साथ ही पारंपरिक श्रमिक वर्ग, जैसे पत्थर तोड़ने वाले, ईंट बनाने वाले, पापड़-अचार तैयार करने वाले, घरेलू कामगार और तेंदूपत्ता संग्राहक भी इस योजना से लाभ ले रहे हैं। योजना के अंतर्गत स्थाई अपंगता पर 2 लाख, आंशिक अपंगता पर 1 लाख, दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख और सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। अंतिम संस्कार के लिए 5 हजार रुपये की अंत्येष्टि राशि और आयुष्मान भारत निरामय योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज भी शामिल है। मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि यह पांचवीं बार है जब सिंगल क्लिक से श्रमिकों को राशि दी गई है। विभाग का लक्ष्य है कि दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द सहायता उपलब्ध कराई जाए।
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