सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक और राजनयिक तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने हाल ही में कहा कि भारत पर रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन युद्ध में वित्तीय मदद देने का आरोप लगाया गया है। बेसेंट ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) को दिखावटी करार दिया और भारत पर 50% टैरिफ लगाने के फैसले को अनुचित बताया।
बेसेंट ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत और अमेरिका के बीच मतभेद जरूर हैं, लेकिन दोनों बड़े लोकतंत्र अपनी समस्याओं का समाधान मिलकर निकाल लेंगे। उन्होंने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बताया और कहा कि भारत के मूल्य अमेरिका और चीन के ज्यादा करीब हैं, न कि रूस के।
भारत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि उसकी तेल खरीद राष्ट्रीय हित और बाजार की जरूरतों पर आधारित है। भारत ने इसे अपने ऊर्जा हितों के लिए जरूरी और महंगाई से बचाने के उपाय के रूप में बताया।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के तियानजिन में SCO सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी। बेसेंट ने SCO को “परफॉर्मेटिव” यानी दिखावटी संगठन बताते हुए कहा कि इसका ज्यादा असर नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में धीमी प्रगति और रूस से तेल खरीदने को लेकर दोनों देशों के रिश्तों में खटास आई है। यह पिछले दो दशकों में सबसे चुनौतीपूर्ण दौर माना जा रहा है।
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