सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /   आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल  /  काठमांडू  :  नेपाल में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के 48 घंटे बाद भी अंतरिम प्रधानमंत्री का चुनाव पूरा नहीं हो सका है। सूत्रों के अनुसार, सुशीला कार्की को अंतरिम पीएम बनाने पर लगभग सहमति बन गई है, लेकिन संसद को भंग करने या न करने पर विवाद अभी जारी है। राष्ट्रपति पौडेल संसद भंग करने को तैयार नहीं हैं, जबकि कार्की का तर्क है कि संविधान के अनुसार संसद भंग किए बिना गैर-सांसद को प्रधानमंत्री नहीं बनाया जा सकता।

नेपाल में विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। राजधानी काठमांडू में Gen-Z युवा समूह आपस में भिड़ गए। प्रदर्शन में अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है और 1500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। आर्मी ने काठमांडू, ललितपुर और भक्तपुर में कर्फ्यू बढ़ा दिया है।

सुरक्षा स्थिति को देखते हुए, नेपाल-भारत सीमा पर आवश्यक वस्तुओं जैसे रसोई गैस, फल और सब्जियों की आवाजाही आंशिक रूप से शुरू की गई है। वहीं, चितवन के भरतपुर जेल से 54 कैदी स्वेच्छा से लौट आए हैं, जबकि पिछले दिनों 15,000 से ज्यादा कैदी विभिन्न जेलों से फरार हो गए थे।

विश्व स्तर पर इस हिंसा पर चिंता जताई गई है। भारत ने स्थिति पर करीबी नजर रखने की बात कही है। चीन ने नेपाल को अपना करीबी पड़ोसी बताया और स्वतंत्र निर्णय लेने पर भरोसा जताया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने घटनाओं की निष्पक्ष जांच और मानवाधिकारों की सुरक्षा की अपील की। अमेरिका, यूरोपीय संघ, जापान, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया समेत कई देशों ने संयुक्त बयान जारी कर हिंसा की निंदा की।

राज्यव्यवस्था की बहाली और राजनीतिक स्थिरता के लिए नेपाल सरकार और सेना Gen-Z समूह के साथ बातचीत के अंतिम चरण में हैं। अंतरिम सरकार के गठन और सुशीला कार्की के प्रधानमंत्री बनने की प्रक्रिया पर फाइनल ऐलान जल्द होने की उम्मीद है।

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