सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /   आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल   :  नेपाल में Gen-Z आंदोलन के बीच अंतरिम सरकार के गठन पर सर्वपक्षीय सहमति बन गई है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सेना प्रमुख अशोक राज सिग्देल और संविधान विशेषज्ञों के साथ लंबी चर्चा के बाद पूर्व प्रधान न्यायाधीश सुशीला कार्की के नाम पर सहमति बनाई।

संसद विघटन के मुद्दे पर गतिरोध अभी भी कायम है। राष्ट्रपति की पहल से विभिन्न Gen-Z समूहों के बीच मतभेद को कम किया गया, जिससे अंतरिम प्रधानमंत्री के नाम पर स्थिति को संभालने में सफलता मिली। जेन-जी आंदोलन के युवा नेताओं ने जोर देकर कहा कि उन्हें चाहिए युवा प्रधानमंत्री, ताकि देश में नई ऊर्जा और नयी सोच के साथ सरकार का नेतृत्व हो।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुशीला कार्की का नाम अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में रखने का निर्णय राजनीतिक संतुलन और विभिन्न पक्षों के मतभेद को कम करने की दिशा में उठाया गया कदम है। हालांकि, संसद विघटन पर मतभेद अभी भी एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

नेपाल में गतिरोध के कारण राजधानी और अन्य जिलों में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। आर्मी ने काठमांडू, ललितपुर और भक्तपुर में कर्फ्यू बढ़ाया है। वहीं, आवश्यक सेवाओं और जीवनदायिनी वस्तुओं की आवाजाही धीरे-धीरे बहाल की जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सुशीला कार्की के नेतृत्व में अंतरिम सरकार जल्द बन सकती है, लेकिन संसद विघटन पर फैसला राजनीतिक स्थिरता और देश के भविष्य के लिए निर्णायक साबित होगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने शांति बनाए रखने और संवाद के माध्यम से समाधान खोजने की अपील की है।

इस प्रक्रिया में राष्ट्रपति, सेना और युवा नेताओं के बीच संवाद जारी है, ताकि नेपाल में राजनीतिक स्थिरता और जनसामान्य के हितों को सुनिश्चित किया जा सके।

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