सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /   आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल  8 सितंबर को ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा की ओर से बुलाए गए BRICS नेताओं के वर्चुअल समिट में भारत का प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जगह विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसकी पुष्टि की।

इस वर्चुअल समिट में अमेरिका के लगाए गए टैरिफ और बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। भारत इसे अमेरिका विरोधी समिट के रूप में नहीं देखता। विशेषज्ञों के अनुसार, मोदी का न शामिल होना यह संकेत देता है कि भारत 2026 में BRICS की अध्यक्षता संभालने से पहले सतर्क रणनीति अपनाए हुए है।

अमेरिका ने भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ हटाने के लिए तीन शर्तें रखीं थीं: रूस से तेल खरीदना बंद करना, BRICS छोड़ना और अमेरिका का समर्थन करना। हालांकि, भारत ने बार-बार स्पष्ट किया है कि BRICS को वैश्विक दक्षिण की आवाज का मंच मानता है और BRICS छोड़ने की कोई योजना नहीं है।

भारत 2026 में BRICS समिट की अध्यक्षता करेगा और 18वां BRICS शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा। भारत का उद्देश्य BRICS को मानवता पहले, लचीलापन और नवाचार, सतत विकास और ग्लोबल साउथ की आवाज देने वाला मंच बनाना है।

BRICS अब 11 उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, UAE, सऊदी अरब और इंडोनेशिया शामिल हैं। इसका लक्ष्य आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक सहयोग बढ़ाना है।

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