सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल (रा.वि.स.प. की एक इकाई) वर्षों से विज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य कर रहा है। विज्ञान की सच्ची उपयोगिता जब तक समाज के हर वर्ग तक नहीं पहुँचें और इसे आसानी एवं सरलतम रूप में प्रस्तुत न किया जाए तब तक अधूरी ही रहेगी। इसी उद्देश्य को लेकर भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी (मोबाइल विज्ञान प्रदर्शनी – एमएसई) का संचालन किया जाता है।एमएसई की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह ‘साइंस ऑन व्हील्स’ है – एक चलित प्रदर्शनी बस जिसमें विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जुड़ी विभिन्न इंटरैक्टिव प्रदर्शनियाँ होती हैं। इसमें विज्ञान प्रदर्शनी और प्रयोगात्मक गतिविधियाँ भी शामिल रहती हैं, जिसे विद्यार्थियों को केवल देखने ही नहीं बल्कि प्रयोगात्मक रूप से समझने और सीखने का अवसर मिलता है।


“वस्तुएं कैसे कार्य करती हैं? (चीज़ें कैसे काम करती हैं?)” विषय पर आधारित भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी बस देवास जिले के लिए रवाना हुई। इस यात्रा का शुभारंभ प्रो. मनीष भार्गव,परियोजना निदेशक, एनआईटीटीटीआर सीमेंस उत्कृष्टता केंद्र राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर), भोपाल ने हरि झंडी दिखाकर किया। यह पहल मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में संचालित की जा रही है। वर्ष 2025-26 में यह बस देवास, उज्जैन एवं रतलाम जिलों का भ्रमण करेगी। इस प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को रोज़मर्रा की वस्तुओं के पीछे छुपे विज्ञान को जानने का अवसर मिलेगा जैसे – चार स्ट्रोक इंजन कैसे चलता है या क्लच कैसे काम करता है इत्यादि। विद्यार्थी इनकी कार्यप्रणाली को रोचक और सरलतम रूप में समझ पाएंगे। यह पहल विज्ञान के कक्षा की दीवारों से बाहर निकालकर गांव-गांव तक पहुँचाएगी और नई पीढ़ी को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।

#विज्ञानप्रदर्शनी #साइंसऑनव्हील्स #देवास #आंचलिकविज्ञानकेन्द्र #विज्ञानशिक्षा