सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में राजनीतिक विज्ञान विषय पर दो दिवसीय पाठ्यक्रम निर्माण कार्यशाला संपन्न हुई l कार्यशाला के समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के प्रोफेसर आफ प्रैक्टिस बीबी शर्मा ने कहा कि भारत में ऐसे कई महान चिंतक और विचारक हुए हैं जिन्होंने कई सभ्यताओं को दिशा दी है l उन्होंने कहा कि कौटिल्य के अर्थशास्त्र में वर्णित युद्ध के सिद्धांत अभूतपूर्व हैंl उनके बाद के जिन शासको ने युद्ध में उनके सिद्धांतों का उपयोग किया वह युद्ध में विजय हुए और जिन्होंने लागू नहीं किया वे बड़े-बड़े राजा युद्ध में पराजित भी हुए हैंl उन्होंने कहा कि भारतीय वेद, पुराणों , उपनिषदों आदि का अध्ययन कर मैक्स मूलर ने जब उनका अनुवाद किया तो पूरे विश्व को भारतीय ज्ञान से परिचय हुआ और वह भारतीय ज्ञान परंपरा से आलोकित हुए l उन्होंने कहा कि अंग्रेजो के पास शेक्सपियर के पहले बताने को कुछ भी नहीं है l अंग्रेजों ने भारत में फूट डालो और राज करो की नीति अपना कर 200 वर्षों तक भारत पर राज किया l लेकिन आज हमें राजनीतिक आजादी प्राप्त है और राजनीति शास्त्र विषय का महत्व हमेशा ही बना रहेगा l
कार्यक्रम में उपस्थित हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की पूर्व सम-कुलपति सुषमा यादव ने कहा कि हमें पाठ्यक्रम निर्माण करते समय यह चिंतन करना चाहिए कि वस्तुत राजनीति में भारतीयता कितनी आ रही है l इस पाठ्यक्रम में तर्क कितना है,यह सब सोचते हुए जब हम पाठ्यक्रम में परिवर्तन लाएंगे तो वह राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को पूरा करेगा l उन्होंने कहा कि यूजीसी ने ए पी आई स्कोर में भी परिवर्तन किया है l अब शिक्षक पुस्तक में अगर कोई एक अध्याय भी लिखते हैं तो उसके लिए भी उनको स्कोर मिलेंगे l उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम में परिवर्तन का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा को स्थापित करना हैl हमारा उद्देश्य राजनीति विज्ञान के स्वरूप को भारतीय बनाना है हम यह भी चाहते हैं कि विद्यार्थी को कुछ कुशलता मिले, कुछ निपुणता मिले, कुछ ज्ञान मिले और कुछ व्यावहारिकता भी प्राप्त करें l उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम निर्माण के लिए विचार के साथ-साथ हमें कई प्रकार की स्रोत सामग्री की भी आवश्यकता होती है l उन्होंने कहा कि राजनीति विज्ञान का पठन-पाठन उल्लास पूर्वक होना चाहिए l उन्होंने पाठ्यक्रम निर्माण संबंधी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से संबंधित 13 बिंदुओं पर फिर से बल दिया l
इस अवसर पर मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुल सचिव सुशील मंडेरिया ने कहा कि पहले कहावत थी घर का जोगी जोगड़ा, आज गांव का सिद्ध, लेकिन अब वातावरण बदल रहा है, अब हम शिक्षा तंत्र पर स्वयंभू बनाकर बैठेंगे l हमारा शिक्षा तंत्र ऐसा होगा जो बाहर जाकर दूसरों को भी प्रभावित करेगाl समापन कार्यक्रम में इसके पूर्व वरिष्ठ प्राध्यापक एसपी शुक्ला ने कार्यशाला के दोनों दिवसों के विभिन्न क्षेत्रों की रिपोर्ट प्रस्तुत की उन्होंने विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए विभिन्न परिवर्तनों को सामने रखा l इस अवसर पर मध्य प्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के संयुक्त संचालक प्रोफेसर उत्तम सिंह चौहान ने भी दो दिवसीय कार्यशाला पर अपने विचार व्यक्त किये l

इस कार्यशाला के सुबह के सत्र में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के पूर्व कुलपति प्रोफेसर एस.पी. गौतम ने राजनीति शास्त्र के प्राध्यापक को संबोधित करते हुए बताया कि राजनीति विज्ञान में किस प्रकार से भारतीय चिंतन और भारतीय ज्ञान परंपरा को शामिल करना है और उनको पश्चिमी विचारको से किस प्रकार तुलनात्मक रूप से प्रस्तुत करना है जिससे विद्यार्थियों को तुलनात्मक रूप से भारतीय विचार परंपरा को स्पष्ट रूप से जानने का और समझने का मौका मिल सके l कार्यशाला के नोडल अधिकारी मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के अकादमिक समन्वय विभाग के निदेशक एल.पी. झरिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के विद्यार्थी सहायता विभाग के निर्देशक रतन सूर्यवंशी ने किया l इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कर्मचारी, अधिकारी तथा शिक्षक गण बड़ी संख्या में उपस्थित रहेl

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