सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर एक व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया l कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र भोपाल के निर्देशक हर्षवर्धन तोमर थे l उन्होंने अपने व्याख्यान में भारत के विभाजन के पूर्व की परिस्थितियों तथा विभाजन के पश्चात भारत पर प्रभाव के संदर्भ में अपनी बात रखीl उन्होंने कहा कि 11वीं शताब्दी तक भारत सोने की चिड़िया कहलाता था, उसके बाद भारत में लगभग 1000 साल तक विभिन्न प्रकार के आक्रमण होते रहे l


इसी क्रम में 16वीं शताब्दी में अंग्रेज, फ्रांसीसी और डच आए l उनके आने का उद्देश्य भारत में ईसाई राज्य स्थापित करना था l डॉ. तोमर ने कहा कि 1857 के विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने भारत में फूट डालो और राज करो की नीति अपनाई l इसी क्रम में 1860 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना की गई और 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना हुई l कांग्रेस के पहले अधिवेशन में महारानी विक्टोरिया की जयकार की गई थी l डॉ. तोमर ने सर सैयद अहमद खान के भाषण का उल्लेख भी किया l उन्होंने कहा कि 1915 में महात्मा गांधी के भारत आने के बाद मुसलमानों का तुष्टिकरण और बढ़ गया l डॉ. तोमर ने बताया कि 200 सालों में भारत के सात टुकड़े हुएl विभाजन के बाद भारत में शरणार्थियों को कई तरह के कष्ट झेलना पड़े l डॉ. तोमर ने अखंड भारत के नक्शे को दिखाते हुए विभिन्न चित्रों के माध्यम से विभाजन के समय की भीषण परिस्थितियों को समझायाl उन्होंने कहा कि आज भारत को पुनः अखंड भारत बनाने का संकल्प लेने का दिवस हैl उन्होंने आवाहन किया कि हमें अखंड भारत के महत्व को समझना चाहिए और हमें कभी भी पाकिस्तान के अस्तित्व के नहीं स्वीकारना चाहिए l


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुशील मंडेरिया ने कहा कि विभाजन विभीषिका दिवस मनाने का उद्देश्य यह है कि बंटवारे की भूमिका से सभी को अवगत कराया जा सके l उन्होंने कहा कि विभाजन का निर्णय करने वाले भारतीय नहीं थे l उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार पाकिस्तान से आने वाले शरणार्थियों को विभाजन की पीड़ा सहनी पड़ी l उन्होंने कहा कि हर वर्ष हमें इसी तरह विभाजन विभीषिका दिवस मनाना चाहिएl कार्यक्रम का संचालन मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के विद्यार्थी सहायता विभाग के निदेशक प्रो.रतन सूर्यवंशी द्वारा किया गया l उन्होंने कहा कि भारत के विभाजन के समय लगभग 1.5 करोड़ लोगों का विस्थापन हुआ था और 10से 15 लाख लोग मरे गए थे l विभाजन के समय की परिस्थितियों का सम्पूर्ण ज्ञान युवाओं को देने के उद्देश्य से सन 2021में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का संकल्प लिया था l

कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन करते हुए मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के अकादमिक समन्वय विभाग के निदेशक एल. पी. झरिया ने कहा कि 1857 की क्रांति से लेकर 1947 तक का इतिहास हमारा राष्ट्रीय आंदोलन का इतिहास रहा है उन्होंने उपस्थित लोगों का आवाहन किया कि हमें सरकार के कार्यों में उनकी कल्याणकारी नीतियों में सहयोग प्रदान करना चाहिए और देश को विभाजित करने वाली शक्तियों का हमेशा विरोध करना चाहिए l कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, कर्मचारी ,शिक्षक और अधिकारी अधिकारी गण उपस्थित थेl विश्वविद्यालय परिसर में इस अवसर पर माय एफएम रेडियो के द्वारा वृक्षारोपण भी किया गयाl इसके पूर्व विश्वविद्यालय में शासन की मंशा अनुरूप विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर विद्यार्थियों, कर्मचारियों और अधिकारियों द्वाराबड़े हर्षोल्लास से तिरंगा यात्रा का का भव्य स्वागत किया गया l

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