सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत में होली के पावन अवसर पर देशभर में होलिका दहन उत्सव के आयोजन की झलक देखने को मिली। प्रमुख शहरों और गांवों में लोग पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार होलिका की प्रतिमाओं को जलाकर बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मनाते हैं। उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में यह पर्व विशेष रूप से भव्य तरीके से मनाया गया। महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उपस्थित रही, जिन्होंने महाकाल भगवान की विशेष आरती में भाग लिया। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और पारंपरिक सजावट से सजाया गया था। महाकाल की आरती के दौरान भक्तों ने भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चारण के साथ पर्व का आनंद लिया। इस मौके पर स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन सेवाओं और स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। लोगों को आगजनी और दुर्घटनाओं से बचाने के लिए सावधानीपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए गए। देशभर के अन्य हिस्सों में भी होलिका दहन को पारंपरिक अंदाज में मनाया गया। लोग होलिका की प्रतिमाएं जलाकर और रंगों के साथ खुशियाँ मनाकर सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव का अनुभव साझा कर रहे थे। बच्चों और युवाओं ने रंगों की होली खेलते हुए उत्सव को और जीवंत बनाया। इस प्रकार होली और होलिका दहन का यह पर्व न केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, बल्कि समाज में मेल-जोल, एकता और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का संदेश भी देता है। उज्जैन में महाकाल की विशेष आरती और देशभर में उत्सव की भव्यता ने इस पर्व को यादगार और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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