सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: संजय लीला भंसाली निर्देशित बहुचर्चित वेब सीरीज ‘हीरामंडी’ में दिग्गज कलाकारों के साथ अध्ययन सुमन नवाब जोरावर और नवाब जुल्फिकार का यंगर रोल प्ले कर रहे हैं। इसमें उनके सबसे ज्यादा सीन ऋचा चड्ढा और मनीषा कोइराला के साथ है। यह सीरीज 1 मई यानी कि आज OTT प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम हो रही है। अध्ययन सुमन ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की है।

हीरामंडी में अपने किरदार के बारे में बताइए?

मैं नवाब जोरावर का किरदार प्ले कर रहा हूं। मेरे फादर शेखर सुमन नवाब जुल्फिकार का किरदार निभा रहे हैं। मैं यंगर जुल्फिकार का किरदार भी प्ले कर रहा हूं। कुल मिलाकर ‘हीरामंडी’ में दो किरदार निभा रहा हूं। शो और किरदार के बारे में इतना सकता हूं कि भंसाली साहब ने ऐसा शो बनाया है, जो हिंदुस्तान में अब तक देखा नहीं गया है।

जोरावर नंबर वन का अय्याश और बहुत एरोगेंट है। वह सिर्फ अपने आप से मोहब्बत करता है। ऋचा चड्ढा जोरावर से प्यार करती हैं। वह हीरामंडी में काम करती है। जोरावर उन्हें शादी का वादा करके बाद में किसी और से शादी कर लेता है, जो उसकी हैसियत की होती है। यह बहुत ग्रे किस्म और पावर पावरफुल कैरेक्टर है। जुल्फिकार नवाब के हेड हैं। जुल्फिकार का किरदार पिता शेखर सुमन निभा रहे हैं। उसके बारे में वही ज्यादा बता सकते हैं। जुल्फिकार 25-30 साल के थे, वह किरदार में प्ले कर रहा हूं।

आपका सिलेक्शन और रिजेक्शन का सिलसिला काफी लंबा रहा।इसमें कास्ट कैसे हुए?

कई ऑडिशन देने पड़े, जो बहुत लंबा प्रोसेस रहा। ऑडिशन देने के बाद पहली बार में रिजेक्ट हो गया था। मेरी खुशकिस्मती की सिलेक्ट हो गया, पर इसे लेकर अभी भी अचंभित हूं कि शो में कैसे साइन कर लिया गया। दरअसल, भगवान पर विश्वास रखता हूं। उन्होंने 15 साल बाद मुझे पावरफुल कैरेक्टर प्ले करने के लिए दिया है। मैं ग्रेटफुल हूं। आशा करता हूं कि इस बार मुझे जो मौका मिला है, इस पर खरा उतरूंगा, क्योंकि शो में दिल से काम किया है। एक्टर की लाइफ में कब और क्या होगा, यह पता नहीं होता है, इसलिए हाथ में जो भी काम है, उसे दिल से करना बहुत जरूरी है। जो काम दिल से होता है, वह ऑडियंस जरूर देखती है।

अपने किरदार जोरावर के लिए कुछ खास तैयारी करनी पड़ी, वह क्या है?

जोरावर नवाब है। उसके लिए उर्दू की तैयारी करनी पड़ी। लैंग्वेज पर बहुत काम किया है। जहां तक किरदार की बात है, उसके बारे में सभी जानते हैं कि भंसाली सर अपने किरदारों की जो दुनिया क्रिएट करते हैं, वह आलीशान होती है। एक एक्टर के लिए आसान भी हो जाता है कि ऐसे गुणी निर्देशक के साथ काम करते हुए। सिर्फ उन्हें फॉलो ही करें तब भी बात बन जाती है। उनका थॉट और काम करने का तरीका आउटस्टैंडिंग होता है। जो सीख संजय लीला भंसाली के पास से मिलेगी, वह कहीं से भी नहीं मिल सकती।

क्या आपके ऊपर काफी सारे लुक ट्राई किए गए थे?

बहुत-बहुत। 12 से 15 अलग-अलग लुक ट्राई किए गए थे। मेरे लंबे बाल से लेकर विग ट्राई किए गए। बहुत से कॉस्टयूम और अलग-अलग तरह का मेकअप किया गया। स्ट्रेट बाल, लंबे बाल कर्ली बाल कई तरह की लुक ट्राई किए गए उसमें से कर्ली बाल वाला लुक फाइनल किया गया। भंसाली साहब का ऑब्जेशन इतना शार्प है कि उन्हें एक पत्ता भी उड़ाना होता है तो वह किस तरह से उड़ना चाहिए। वह अपने कॉस्ट्यूम के लिए तो जाने जाते हैं। उन्हें हर चीज एकदम परफेक्ट दिखनी चाहिए।

इसमें कई हीरोइन हैं। आपके सीन किसके साथ सबसे ज्यादा है?

मेरा सीन ऋचा चड्ढा और मनीषा कोइराला के साथ सबसे ज्यादा है। यह दोनों बहुत गुणी कलाकार हैं। अपने आपको बहुत लकी मानता हूं कि बतौर एक्टर उनके साथ काम किया, जो बहुत अच्छा रहा। कहीं ना कहीं इनसे बहुत कुछ सीखने को भी मिला। जब ऐसे एक्टर के साथ काम करते हैं तो आपकी परफॉर्मेंस बेहतर हो जाती है।