सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अमेरिका के H-1B वीज़ा नियमों में किए गए बदलाव से सैकड़ों भारतीय पेशेवरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नई गाइडलाइंस के तहत वीज़ा प्रक्रिया, जॉब ट्रांसफर और एक्सटेंशन से जुड़े नियम पहले की तुलना में अधिक सख्त कर दिए गए हैं। इसका सीधा असर आईटी, टेक्नोलॉजी और प्रोफेशनल सेक्टर में काम कर रहे भारतीयों पर पड़ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, नए नियमों में नियोक्ताओं पर ज्यादा जिम्मेदारी डाली गई है, जिससे कई कंपनियां विदेशी कर्मचारियों को लेकर सतर्क हो गई हैं। इसका नतीजा यह है कि कई भारतीय प्रोफेशनल्स की वीज़ा स्थिति अनिश्चित हो गई है। खासकर वे लोग ज्यादा प्रभावित हैं जो जॉब चेंज या वीज़ा एक्सटेंशन की प्रक्रिया में हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि H-1B वीज़ा अमेरिका में काम कर रहे भारतीयों के लिए सबसे अहम वर्क वीज़ा रहा है। नियमों में बदलाव से न केवल रोजगार की स्थिरता पर असर पड़ा है, बल्कि परिवारों की योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। कई भारतीय छात्रों और पेशेवरों के सामने अब अमेरिका में लंबे समय तक रहने को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है।
इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स सलाह दे रहे हैं कि प्रभावित लोग समय रहते दस्तावेजों की जांच करें और वैकल्पिक वीज़ा विकल्पों पर भी विचार करें। आने वाले समय में इन नियमों का असर भारतीय वर्कफोर्स और अमेरिकी कंपनियों दोनों पर देखने को मिल सकता है।
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