सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत के विमानन क्षेत्र में एक बड़ा कदम दर्ज किया गया है। हैदराबाद में सेफ़रान एल ई ए पी एयरोइंजन मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (एमआरओ) सुविधा का शुभारंभ किया गया। यह एमआरओ फ्रांस की बहुराष्ट्रीय एयरोस्पेस एवं डिफेंस कंपनी सेफ़रान द्वारा स्थापित किया गया है, जिसका उद्घाटन भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया।
इस अवसर पर तेलंगाना राज्य के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू, सेफ़रान के चेयरमैन एवं सीईओ, बोर्ड सदस्य, कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी एवं भारतीय तथा अंतरराष्ट्रीय विमानन जगत के अनेक वरिष्ठ विशेषज्ञ उपस्थित थे।

सेफ़रान एयरक्राफ्ट इंजन सर्विसेज इंडिया का यह अत्याधुनिक केंद्र एल ई ए पी इंजनों के मेंटेनेंस क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से निर्मित किया गया है। ये इंजन एयरबस ए320neo और बोइंग 737 मैक्स जैसे विमानों में प्रयोग किए जाते हैं। इसी के साथ दासॉल्ट राफेल विमानों के लिए एम 88 एमआरओ सुविधा का शिलान्यास भी किया गया। यह एमआरओ सुविधा भारत के विमानन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह केंद्र न केवल वैश्विक स्तर के सबसे बड़े विमान इंजन एमआरओ केंद्रों में से एक है, बल्कि यह पहली बार है कि किसी अंतरराष्ट्रीय इंजन ओईएम (ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर) ने भारत में एमआरओ संचालन की शुरुआत की है।
एक महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में, सेफ़रान ने गति शक्ति विश्वविद्यालय के साथ विमानन और एमआरओ क्षेत्र के लिए उद्योग-तैयार पेशेवर तैयार करने हेतु सहयोग की घोषणा की। इस एमओयू के अंतर्गत जीएसवी ने अपने एविएशन इंजीनियरिंग कार्यक्रम में विशेष एल ई ए पी इंजन पाठ्यक्रमों को शामिल किया है, जिससे विद्यार्थियों को अत्याधुनिक एयरोइंजन तकनीकों का व्यावहारिक एवं प्रायोगिक अनुभव मिलेगा।
यह सहयोग सेफ़रान को योग्य एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराएगा, जो आधुनिक एयरोइंजन मेंटेनेंस की जटिलताओं को संभालने की क्षमता रखते होंगे। यह समझौता तत्काल परिचालन आवश्यकताओं के साथ-साथ इस क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास में भी मदद करेगा। यह एमओयू फिलिप एरेरा (ईवीपी, इंटरनेशनल डेवलपमेंट – सेफ़रान ग्रुप) तथा प्रोफेसर मनोज चौधरी (कुलपति, जीएसवी) द्वारा हस्ताक्षरित किया गया।
गति शक्ति विश्वविद्यालय भारत का अग्रणी विश्वविद्यालय है जो परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में विशेषज्ञता रखता है। इसे संसद के अधिनियम द्वारा वर्ष 2022 में केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित किया गया था। यह विश्वविद्यालय रेल मंत्रालय (भारत सरकार) के अधीन कार्य करता है और रेलवे, हाईवे, पोर्ट, एविएशन, मरीन, शिपिंग, अंतर्देशीय जलमार्ग, शहरी परिवहन तथा संपूर्ण लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन नेटवर्क से जुड़े क्षेत्रों को कवर करता है। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति माननीय अश्विनी वैष्णव (केंद्रीय मंत्री – रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी) हैं।
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