सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सोना और चांदी खरीदते समय उनकी शुद्धता जानना बेहद जरूरी होता है। आमतौर पर सोने की शुद्धता कैरेट (Karat) में मापी जाती है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है, जिसमें लगभग 99.9% शुद्धता होती है। वहीं 22 कैरेट सोने में लगभग 91.6% शुद्ध सोना होता है, जिसे आभूषण बनाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। 18 कैरेट और 14 कैरेट सोने में अन्य धातुओं की मात्रा अधिक होती है, जिससे गहने मजबूत बनते हैं।
चांदी की शुद्धता आमतौर पर फाइनेस (Fine Silver) या हॉलमार्क के जरिए पहचानी जाती है। 999 अंकित चांदी को सबसे शुद्ध माना जाता है, जबकि 925 चांदी (स्टर्लिंग सिल्वर) में 92.5% शुद्धता होती है। चांदी के आभूषणों और बर्तनों पर BIS हॉलमार्क, शुद्धता अंक और ज्वैलर का पहचान चिह्न अंकित होता है।
शुद्धता जांचने के लिए उपभोक्ता BIS हॉलमार्क, कैरेट मार्किंग, वजन और रंग की जांच कर सकते हैं। इसके अलावा अधिक सटीक जांच के लिए एक्स-रे फ्लोरेसेंस (XRF) मशीन का उपयोग ज्वैलरी शोरूम में किया जाता है। सोना-चांदी खरीदते समय हमेशा हॉलमार्क देखें और बिल लेना न भूलें, ताकि शुद्धता और निवेश दोनों सुरक्षित रह सकें।