सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़  भोपाल   : ब्रिटेन, कनाडा, पुर्तगाल और ऑस्ट्रेलिया ने औपचारिक रूप से फलस्तीन को राष्ट्र का दर्जा दे दिया। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद अब तक लगभग 150 देश फलस्तीन को मान्यता दे चुके हैं। लेकिन इस कदम पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

नेतन्याहू ने कहा कि यह फैसला आतंकवाद को इनाम देने जैसा है और जॉर्डन नदी के पश्चिम में कभी कोई फलस्तीनी राज्य नहीं बनेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका से लौटने के बाद इस फैसले पर इजरायल कड़ा जवाब देगा।

इजरायली प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में दावा किया कि वर्षों से उन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद फलस्तीनी राज्य बनने से रोका है। नेतन्याहू ने कहा— “हमने यह दृढ़ संकल्प और कूटनीति से किया है। हमने यहूदिया और सामरिया में यहूदियों की संख्या दोगुनी की है और आगे भी इसी रास्ते पर चलते रहेंगे।”

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी देशों का यह कदम गाजा में जारी मानवीय संकट और इजरायल-फलस्तीन संघर्ष को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय दबाव का नतीजा है। ब्रिटेन और कनाडा जैसे अमेरिका के करीबी देशों का इस फैसले में शामिल होना इजरायल के लिए बड़ी कूटनीतिक चुनौती है।

अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति में यह देखने वाली बात होगी कि इजरायल इस फैसले का जवाब किस रूप में देता है और क्या इससे टू-स्टेट सॉल्यूशन को नया आयाम मिलेगा या हालात और बिगड़ेंगे।

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