सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, भोपाल (राष्ट्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, नई दिल्ली का एक क्षेत्रीय केंद्र); ने ग्रीष्मकालीन प्रकृति अध्ययन कार्यक्रम– हरित शावक के प्रतिभागियों के लिए फ़ेस पेंटिंग एवं ग्रीष्मकालीन प्रकृति अध्ययन कार्यक्रम – हरित किशोर के प्रतिभागियों के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र का अध्ययन भ्रमण का आयोजन किया गया। फ़ेस पेंटिंग कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्र चित्रकार विवेक कुमार वर्मा ने प्रतिभागियों को चेहरे पर बाघ, तितली, शार्क, मछली, जिराफ़ आदि बनाना सिखाया तथा बच्चों ने स्वयं भी उत्साहपूर्वक बनाया। इस कार्यक्रम में 19 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
संग्रहालय के वैज्ञानिक- सी एवं कार्यक्रम समन्वयक मानिक लाल गुप्त ने इन वन्य जीवों के व्यवहार एवं प्रकृति में उनकी भूमिका पर विस्तृत जानकारी प्रदान किया अथवा उनकी पारिस्थितिकी तंत्र में भूमिका और उनके संरक्षण के महत्व पर भी चर्चा की गई ।ग्रीष्मकालीन प्रकृति अध्ययन कार्यक्रम– हरित किशोर के प्रतिभागियों के लिए नगर पालिक निगम, भोपाल के दानापानी (ईश्वर नगर) स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र का अध्ययन भ्रमण आयोजित किया गया |

जिसके दौरान रीसाइक्लिङ्ग हब की सहायक प्रभारी सुश्री सिमरन रघुवंशी ने गीला कचरा और सूखा कचरा के प्रबंधन के बारे में बताया; जिसमें मुख्य रूप से कचरे को अलग अलग ट्रीटमेंट स्ट्रीम्स जैसे पौधे आधारित कार्बनिक अपशिष्ट एवं प्लास्टिक कचरे में विभाजित करके कार्बनिक अपशिष्ट को खाद बनाने के लिए एवं अकार्बनिक अपशिष्ट को पुनर्चक्रण के लिए भेज दिया जाता है। अकार्बनिक अपशिष्ट में से प्लास्टिक, ग्लास, धातुएँ, थर्माकोल को निकालकर पुनर्चक्रण के लिए भेज दिया जाता है। नारियल को विशिष्ट मशीनरी द्वारा प्रोसेस करके रस्सी, चिड़ियों का घोंसला, कोकोपीट आदि बनाया जाता है ।
केंद्र में एक थर्माकोल प्लांट भी स्थित है जिसके माध्यम से थर्माकोल का रूपांतरण करके कॉम्पैक्ट ब्लॉक में तब्दील किया जाता है; जिसका फोटो फ्रेम आदि बनाने में उपयोग होता है । इस प्रकार बच्चों ने यह देखा कि किस प्रकार हम कचरा मुक्त समुदाय कि तरफ आगे बढ़ सकते हैं ।
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