सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : जैसे-जैसे भारत में अधिक परिवार इलेक्ट्रिक कारों की ओर रुख कर रहे हैं, विनफास्ट पहली बार ईवी मालिकों को ड्राइविंग, चार्जिंग और मेंटेनेंस की नई दिनचर्याओं में ढलने में मदद करने के लिए आगे आ रहा है।

आँकड़े बताते हैं रफ्तार की कहानी

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत में 1,15,800 इलेक्ट्रिक चार-पहिया वाहन पंजीकृत हुए — जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत अधिक हैं। यह आँकड़ा अब तक के सबसे बड़े परिवारिक बदलाव की ओर इशारा करता है, जो पेट्रोल कारों से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं। यह वृद्धि उत्साहजनक है, लेकिन ईवी खरीदना केवल शुरुआत है। ईवी का स्वामित्व नई आदतों को अपनाने जैसा है — चाहे वह ड्राइविंग का तरीका हो, यात्राओं की योजना बनाना हो या वाहन का रखरखाव करना हो।

विनफास्ट जैसे ऑटोमेकर अपनी कारों में ऐसे फीचर्स जोड़ रहे हैं जो नए ड्राइवरों को आसानी से इस बदलाव में ढलने में मदद करते हैं — बिना ज्यादा कोशिश और गलती के।

सहज ड्राइव करें, रेंज बचाएं

ईवी चलाना सिर्फ एक्सेलेरेटर दबाने और पेट्रोल कार जैसी प्रतिक्रिया की उम्मीद करने जितना आसान नहीं है। इलेक्ट्रिक मोटर तुरंत टॉर्क (बल) देती है, जिससे ड्राइवर तेज़ी से एक्सेलेरेट करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। लेकिन स्मूद ड्राइविंग  ही चार्ज से सर्वश्रेष्ठ रेंज पाने की कुंजी है।

रेजेनरेटिव ब्रेकिंग, जो धीमे होने पर ऊर्जा को पुनः प्राप्त करती है, तब बेहतर काम करती है जब ड्राइवर ट्रैफ़िक का पूर्वानुमान लगाते हैं बजाय अचानक ब्रेक लगाने के। सरल सूत्र है — स्थिर ड्राइविंग से ऊर्जा की बचत होती है।

अधिकांश आधुनिक ईवी कई ड्राइव मोड्स के साथ आती हैं।

ईको मोड– स्टीयरिंग को हल्का करता है और पावर घटाकर रेंज बढ़ाता है, खासकर भीड़भाड़ वाले शहरों में उपयोगी।

नॉर्मल मोड– दक्षता और प्रतिक्रिया में संतुलन रखता है।

स्पोर्ट मोड – हैंडलिंग को तेज करता है और पूरी शक्ति प्रदान करता है, जो हाइवे या ओवरटेकिंग के लिए उपयुक्त है।

कई नए मालिक मान लेते हैं कि स्पोर्ट मोड ही “डिफ़ॉल्ट” विकल्प है, लेकिन बार-बार इसका उपयोग बैटरी को तेज़ी से खत्म करता है।

एक और उपयोगी आदत है प्री-कंडीशनिंग — यानी यात्रा शुरू करने से पहले गाड़ी प्लग-इन स्थिति में रहते हुए केबिन को ठंडा या गर्म करना। इससे यात्रा शुरू होते ही बैटरी पर लोड कम पड़ता है। भारत की गर्मियों में यह छोटा कदम कई किलोमीटर की रेंज बचा सकता है।

विनफास्ट ने VF 6 और VF 7 मॉडल में ये सभी फीचर्स दिए हैं, जिनमें स्टीयरिंग असिस्ट और सस्पेंशन को शहरी ट्रैफ़िक और लंबी यात्राओं दोनों के लिए अनुकूल बनाया गया है। VF 7 यह भी दिखाता है कि दक्षता और प्रदर्शन एक-दूसरे के विपरीत नहीं हैं — इसका ऑल-व्हील-ड्राइव वेरिएंट 0 से 100 किमी/घंटा तक मात्र 5.8 सेकंड में पहुंचता है, फिर भी सही सेटिंग्स के साथ रेंज को ऑप्टिमाइज़ करने की अनुमति देता है।

समझदारी से चार्ज करें, बैटरी का ख्याल रखें

अगर ड्राइविंग शैली पहला बदलाव है, तो चार्जिंग की आदतें दूसरा। पेट्रोल वाहन चालक टैंक को खाली होने के बाद ही भरने के आदी होते हैं, लेकिन यह सोच ईवी के लिए सही नहीं है। बैटरी की उम्र तब लंबी रहती है जब उसे 20 से 80 प्रतिशत चार्ज के बीच रखा जाए। बैटरी को पूरी तरह खाली करना बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

फास्ट चार्जिंग सड़क यात्राओं के लिए उपयोगी है, लेकिन इसे रोज़मर्रा का तरीका नहीं बनाना चाहिए। घर पर रात में धीमी गति से चार्ज करना बैटरी के लिए कोमल और अक्सर सस्ता भी होता है।

सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों में एक नया एटीकेट (शिष्टाचार) भी है — कार चार्ज हो जाने पर उसे तुरंत हटा लें ताकि अन्य उपयोगकर्ता भी चार्ज कर सकें। भारत में सार्वजनिक चार्जर नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी असमान है। शहरी इलाकों में यह तेजी से फैल रहा है, जबकि कई हाईवे अभी कम कवर हैं।

पहली बार ईवी लेने वालों के लिए इसका मतलब है कि रूट प्लानिंग (मार्ग योजना) बेहद ज़रूरी है। यात्रा शुरू करने से पहले ऐप्स से चार्जिंग पॉइंट्स की जांच करना “रेंज एंग्जायटी” से बचने का सबसे अच्छा तरीका है।

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