सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण पर गुरुवार को सदन में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सरकार सबके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने “रोलिंग बजट” की अवधारणा लागू की है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया है, जिसमें आगामी वर्षों की कार्ययोजना भी शामिल है।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ज्ञान मंत्र (गरीब, युवा, नारी, किसान) में इंडस्ट्रियलाइजेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर जोड़कर ज्ञानी मॉडल को प्रदेश की विकास यात्रा का आधार बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट 2047 के विकसित मध्यप्रदेश की मजबूत नींव है।आंतरिक सुरक्षा पर उन्होंने कहा कि 35 वर्षों से चली आ रही नक्सल समस्या का 31 मार्च की समयसीमा से पहले पूर्ण समाधान कर दिया गया। वर्ष 2025 में 10 नक्सली मारे गए और 13 ने आत्मसमर्पण किया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में पीपीपी मॉडल पर नए मेडिकल कॉलेज, एयर एम्बुलेंस सेवा और 46,491 पदों की स्वीकृति दी गई है। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के लिए 88,910 करोड़ रुपये का प्रावधान करते हुए 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ घोषित किया गया है।प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 2026-27 में 18.48 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। अधोसंरचना विकास के लिए 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत प्रावधान किया गया है।महिला सशक्तिकरण, एमएसएमई प्रोत्साहन, शिक्षा सुधार, पर्यटन विस्तार और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के माध्यम से मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प दोहराया गया।