सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एसजीटी विश्वविद्यालय ने प्रतिष्ठित और व्यापक रूप से प्रसिद्ध लेखक डॉ. बी.एल. गौड़ द्वारा रचित दो महत्वपूर्ण पुस्तकों, “कैसे बने विश्वकर्मा” और “हाई-राइज बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन” का विमोचन आयोजित किया। एसजीटी विश्वविद्यालय के कुलपति ने औपचारिक रूप से पुस्तकों का विमोचन किया, जबकि अवसर पर गौड़्स ग्रुप के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री मनोज गौड़ भी उपस्थित थे।
समारोह का प्रारंभ विशिष्ट अतिथियों के आगमन के साथ हुआ, इसके बाद कुलपति कार्यालय में औपचारिक मिलन-सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही, जिनमें प्रो. (डॉ.) अतुल नासा, प्रो वाइस-चांसलर; प्रो. (डॉ.) बलविंदर कुमार, पूर्व कुलपति, एसजीटी विश्वविद्यालय एवं रेरा सदस्य (उत्तर प्रदेश); संजय शर्मा, निदेशक, स्का ग्रुप; पद्म भूषण श्री राम बहादुर राय, चांसलर, एसजीटी विश्वविद्यालय; वरिष्ठ विश्वविद्यालय अधिकारी; और बड़ी संख्या में छात्र शामिल थे।
विमोचन के बाद, डॉ. बी.एल. गौड़ ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया और पुस्तकों के विषय, उद्देश्य तथा सामाजिक और तकनीकी महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने निर्माण क्षेत्र और भविष्य की विकसित होती तकनीकी आवश्यकताओं के संदर्भ में इन प्रकाशनों की प्रासंगिकता को रेखांकित किया।
उन्होंने साझा किया कि “कैसे बने विश्वकर्मा” को इस उद्देश्य के साथ लिखा गया है कि निर्माण क्षेत्र से जुड़े छात्रों और इंजीनियरों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जा सके। उन्होंने बताया कि “हाई-राइज बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन” आधुनिक उच्च-ऊँचाई वाली इमारतों के निर्माण के लिए आवश्यक तकनीकों, मानकों और सुरक्षा मानकों पर विस्तृत अंतर्दृष्टि प्रदान करती है।
लेखक के संबोधन के बाद, श्री मनोज गौड़ ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि उनके पिता के कार्य न केवल निर्माण उद्योग को दिशा प्रदान करते हैं, बल्कि गुणवत्ता और नवाचार के मूल्यों को भी सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि ये पुस्तकें युवा इंजीनियरों और छात्रों के लिए एक मूल्यवान मार्गदर्शक का काम करेंगी, और यह कि तकनीक और गुणवत्ता के बीच संतुलन बनाए रखना भविष्य के विकास की कुंजी है।
#डॉबीएलगौड़ #निर्माणपुस्तकें #कंस्ट्रक्शन #निर्माणप्रौद्योगिकी #नईपुस्तकें