सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : शासकीय हमीदिया कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के संस्कृत विभाग द्वारा दो विशेष व्याख्यानों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर अनिल शिवानी प्राचार्य शासकीय हमीदिया महाविद्यालय द्वारा की गई। सर ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में विद्यार्थियों से कहा कि प्रसन्न रहना सीख लिए तो हर परिस्थिति में प्रसन्न रहेंगे। प्रथम वक्ता के रूप में डॉ. वे एन त्रिपाठी पूर्व विभागाध्यक्ष संस्कृत विभाग हमीदिया महाविद्यालय ने तर्कभाषा में प्रमाण मीमांसा विषय पर अपना शोध पूर्ण वक्तव्य प्रस्तुत किया डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि किसी वस्तु का प्रत्यक्ष आप आंख से ही नहीं अपितु श्रोत्र जिह्वा नासिका एवं त्वचा से भी करते हैं। द्वितीय वक्ता के रूप में डॉक्टर एच आर रैदास पूर्व विभागाध्यक्ष संस्कृत विभाग हमीदिया महाविद्यालय ने संस्कृत भाषा के उत्कर्ष में महाकवि कालिदास का योगदान विषय पर सारगर्भित उद्बोधन दिया। डॉ. रैदास ने कहा कि यदि आपकी इच्छा बलवती है तो आप कठिन से कठिन कार्य भी आसानी से कर सकते हैं।


विशेष व्याख्यान से संबंधित इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रोफेसर सोना शुक्ला विभागाध्यक्ष राजनीतिशास्त्र, डॉ. शारदा सिंह विभागाध्यक्ष हिन्दी, डॉ. वंदना श्रीवास्तव क्रीड़ा विभागाध्यक्ष एवं अन्य प्रध्यापक भी उपस्थित थे। उक्त विशेष व्याख्यान से सम्बंधित कार्यक्रम में 60 विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन डी नीरज धाकड़ विभागाध्यक्ष संस्कृत एवं आभार प्रदर्शन एवं अतिथि स्वागत डॉ. ऋतुवर्मा के द्वारा किया गया।

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