सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल  /   सिवान  :    वर्ष 2011 में दारौंदा विधानसभा उपचुनाव के दौरान राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की चुनावी सभा में प्रशासनिक हस्तक्षेप हुआ था। शाम पांच बजे निर्धारित समय सीमा के बाद सभा जारी रहने पर अधिकारियों ने मंच पर जाकर उनका माइक छीन लिया। इस घटना से जनता और समर्थकों में हलचल मच गई थी। आचार संहिता उल्लंघन के इस मामले में न्यायालय ने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ कुर्की की प्रक्रिया जारी करने का आदेश पारित किया। अदालत ने लगातार अनुपस्थित रहने पर लालू की गैरहाजिरी पर नाराजगी भी जताई। इस मामले की सुनवाई 30 मई 2025 को हुई, जिसमें आदेश सुरक्षित रखा गया।

बताया जाता है कि उपचुनाव के दौरान लालू प्रसाद यादव ने ध्वनिक विस्तारक यंत्र का उपयोग करते हुए भाषण दिया, जबकि चुनाव आयोग द्वारा निषिद्ध समय सीमा समाप्त हो चुकी थी। तत्कालीन अंचलाधिकारी और चुनाव प्रबंधक ने इस उल्लंघन को दर्ज कराते हुए कार्रवाई की। सिवान न्यायालय ने आदेश दिया कि लालू यादव की संपत्ति कुर्क की जा सकती है यदि निर्धारित अवधि में आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। इस घटना ने दारौंदा उपचुनाव के चुनावी पारे को और गरमा दिया था और राष्ट्रीय सुर्खियों में स्थान बनाया। यह मामला प्रशासनिक अनुशासन और राजनीतिक अधिकारों के बीच टकराव का उदाहरण बनकर सामने आया। अब यह देखना होगा कि लालू यादव के खिलाफ जारी कुर्की आदेश का पालन कैसे किया जाएगा।

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