सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल  / नई दिल्ली : आज के समय में क्रेडिट स्कोर हर व्यक्ति की फाइनेंशियल पहचान बन चुका है। लोन, क्रेडिट कार्ड, कार या घर की फाइनेंसिंग—हर जगह इसकी अहम भूमिका है। ऐसे में जब क्रेडिट स्कोर अचानक गिर जाए, तो चिंता होना स्वाभाविक है। हाल ही में ऐसी ही समस्या दिल्ली के द्वारका की रहने वाली HR मैनेजर आकांक्षा शर्मा के साथ हुई। समय पर ईएमआई चुकाने और बेहतर बजट मैनेजमेंट के बावजूद उनका स्कोर 34 अंक गिर गया।

गुड स्कोर के फाउंडर संचित बंसल ने बताया कि सैलरी आने और ईएमआई  की डेट में अंतर इसका बड़ा कारण हो सकता है। मान लीजिए आपकी सैलरी 7 तारीख को आती है, लेकिन आपकी ईएमआई कटती है 3 तारीख को। अगर आपके खाते में 3 तारीख तक पर्याप्त बैलेंस नहीं है और ऑटो डेबिट फेल हो जाता है, तो यह डिफॉल्ट मानी जाती है— यहां तक की अगर आपने 7 तारीख को तुरंत भुगतान कर भी दिया हो।

इससे क्रेडिट रिपोर्ट में “लेट पेमेंट” का टैग लग जाता है, जिससे स्कोर गिरता है। बंसल ने सलाह दी कि या तो ईएमआई  डेट को सैलरी डेट के आसपास शिफ्ट करवाएं या खाते में बैलेंस मेंटेन करके रखें।

समाधान:

ईएमआई  डेट को सैलरी डेट के अनुसार बदलवाना।

ईएमआई  के लिए अलग खाता बनाना।

ऑटो डेबिट से पहले मैन्युअल अलर्ट लगाना।

ऐसी सतर्कता बरतकर आप अपने क्रेडिट स्कोर को स्थिर और मजबूत बनाए रख सकते हैं।

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