सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल   / मुंबई : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को विधान परिषद में स्पष्ट रूप से कहा कि केवल हिंदू, बौद्ध और सिख धर्म के अनुयायियों को ही अनुसूचित जाति का लाभ मिल सकता है। यदि किसी व्यक्ति ने इन तीनों धर्मों से इतर किसी अन्य धर्म में मतांतरण करने के बावजूद अनुसूचित जाति  प्रमाण पत्र प्राप्त किया है, तो उसे रद्द किया जाएगा।

फडणवीस ने बताया कि राज्य सरकार ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करेगी, जिसमें फर्जी अनुसूचित जाति  प्रमाण पत्र के आधार पर किसी ने सरकारी नौकरी प्राप्त की हो या कोई चुनाव लड़ा हो। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यदि उन्होंने चुनाव जीता है तो वह भी रद्द किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि महाराष्ट्र सरकार जबरन और धोखाधड़ी से किए गए धर्मांतरण को रोकने के लिए सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में कठोर प्रावधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

फडणवीस का यह बयान सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना को संरक्षित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है—धोखाधड़ी और अनाधिकृत लाभ उठाने वालों पर लगाम लगाना और वास्तविक रूप से वंचित समुदायों को उनका अधिकार दिलाना।

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