सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : जिला स्वास्थ्य समिति बैठक का आयोजन कलेक्टर कार्यालय में किया गया। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह द्वारा स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल मनीष शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील सोलंकी, स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों और शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि एसएनसीयू में होने वाले हर बच्चे की मृत्यु के मूल कारणों की समीक्षा की जाए ताकि उन्हें समय रहते प्रबंधन कर नवजात मृत्यु दर को किया जा सके। डेथ ऑडिट में गर्भावस्था के दौरान होने वाली समस्याओं के साथ-साथ प्रसव के दौरान हुई जटिलताओं को भी शामिल किया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटर व लेबर रूम में इनफेक्शन कंट्रोल की चेकलिस्ट का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। इन्फेक्शन कंट्रोल प्रक्रिया को बेहतर करने के लिए एआईबेस्ड तकनीक को शामिल करने पर विचार किया जाए, ताकि ह्यूमन एरर की संभावना न्यूनतम हो।
कलेक्टर ने टीकाकरण जागरूकता के लिए हितग्राहियों से फीडबैक लेने के निर्देश दिए। साथ ही ए एन सी पंजीयन बढ़ाने, हाईरिस्क गर्भवती के चिन्हांकन, समय पर रेफरल, सुरक्षित प्रसव सेवाओं के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल मनीष शर्मा ने बैठक में अवगत करवाया कि वृद्धजनों की गृह आधारित स्वास्थ्य देखभाल के लिए होप कार्यक्रम के तहत 902 वृद्धजन चिह्नित किए जा चुके हैं। नर्सिंग ऑफिसर्स द्वारा अब तक 560 वृद्धजनों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जा चुकी हैं। कार्यक्रम के तहत 7 वे,14 वे और 21 वे दिन में स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा गंभीर बीमारियों से ग्रस्त बुजुर्गों को घर जाकर सेवाएं दी जाती हैं ।
इस अवसर पर आयोजित जिला पोषण समिति बैठक में महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के पोषण के लिए दी जारी सेवाओं की जानकारी दी। कलेक्टर ने स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग को संयुक्त रूप से कार्य करने के निर्देश दिए।
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