सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने हाल ही में एक बैठक के दौरान सभी जिला कलेक्टरों को साफ-साफ चेतावनी दी कि केवल वही अधिकारी प्रशासनिक कामकाज में सक्रिय और परिणामदायक प्रदर्शन करेंगे जो वास्तव में मैदान में रहकर जनता के बीच जाकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि परफार्मेंस देने वाले ही मैदान में रहेंगे,और आलस्य या सुस्ती दिखाने वाले अधिकारियों को जिम्मेदारी से हटाया जा सकता है। सीएम मोहन यादव ने बैठक में जोर देकर कहा कि जिला प्रशासन की सफलता सीधे तौर पर अधिकारियों की सक्रियता और जनता के साथ संवाद पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कलेक्टर को अपने जिले में सरकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं और जनसुविधाओं के कार्यान्वयन की निगरानी करनी चाहिए और नियमित रिपोर्ट प्रदान करनी चाहिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ डेस्क पर बैठकर काम करना पर्याप्त नहीं है। अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण करना होगा, जनता से समस्याएं सुननी होंगी और उनका समाधान त्वरित रूप से सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाओं को कागज पर पूरा दिखाना नहीं बल्कि जमीन पर असली बदलाव लाना है। सीएम ने अधिकारियों को बताया कि उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन नियमित रूप से किया जाएगा और जो अधिकारी अपेक्षित परिणाम नहीं देंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में विकास की गति तेज करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों का मैदान में होना अनिवार्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीएम की यह चेतावनी प्रशासनिक सुधारों और सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण कदम है। इससे जिले में सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ सकती है।कुल मिलाकर, सीएम मोहन यादव का संदेश स्पष्ट है: जो सक्रिय रूप से जनता के बीच काम करेंगे, वही प्रशासन में आगे बढ़ेंगे।

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