सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल  / नई दिल्ली :   भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि वे 23 नवंबर 2025 को सेवानिवृत्त होने के बाद कोई भी सरकारी पद स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट के बाद वे परामर्श (कंसल्टेंसी) और मध्यस्थता (मेडिएशन) के क्षेत्र में काम करेंगे।

सीजेआई गवई अमरावती में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम अमरावती जिला एवं सत्र न्यायालय में स्वर्गीय टी. आर. गिल्डा मेमोरियल ई-लाइब्रेरी के उद्घाटन अवसर पर आयोजित किया गया था। वहां उन्होंने कहा, “मैंने पहले भी कई मौकों पर स्पष्ट किया है कि मैं सेवानिवृत्ति के बाद किसी सरकारी पद को स्वीकार नहीं करूंगा। 24 नवंबर से मैं परामर्श और मध्यस्थता के क्षेत्र में योगदान देना चाहूंगा।”

उनका यह बयान भारतीय न्यायपालिका की निष्पक्षता और स्वायत्तता को लेकर एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है, क्योंकि अक्सर यह सवाल उठता है कि रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ न्यायाधीशों को राजनीतिक या सरकारी पदों की पेशकश की जाती है।

बीआर गवई की इस घोषणा को न्यायिक गरिमा और निष्पक्षता को बनाए रखने की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है। वे न्यायपालिका में सामाजिक न्याय और पारदर्शिता को लेकर लगातार मुखर रहे हैं। अब सेवानिवृत्ति के बाद उनके अनुभव का लाभ वैकल्पिक विवाद समाधान जैसे क्षेत्रों में मिलेगा।

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