सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा H-1B वीजा पर भारी फीस लगाने के फैसले के बाद चीन ने इसका विकल्प पेश करते हुए नया ‘K Visa’ लॉन्च किया है। यह वीजा चीन की 12 वीजा कैटेगरी में शामिल किया जाएगा और इसका उद्देश्य दुनिया भर से युवा वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों और प्रोफेशनल्स को आकर्षित करना है।
चीनी सरकार का कहना है कि K Visa शिक्षा, संस्कृति, विज्ञान, तकनीक और व्यवसाय जैसे क्षेत्रों में अवसरों को बढ़ावा देगा। इस पहल के जरिए चीन वैश्विक स्तर पर प्रतिभाओं को अपने देश में रिसर्च और इनोवेशन से जोड़ने की कोशिश कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन का यह कदम अमेरिका के टैलेंट पॉलिसी पर सीधा प्रहार है, क्योंकि वहां H-1B वीजा की बढ़ी हुई फीस से विदेशी पेशेवरों को भारी आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है।
जानकारों का कहना है कि चीन का ‘K Visa’ उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेन गेन (Brain Gain) का बड़ा अवसर देगा। यह उन प्रोफेशनल्स को भी आकर्षित करेगा, जो अमेरिका या यूरोप में सख्त इमिग्रेशन नीतियों की वजह से परेशान हैं। इसके अलावा, चीन अपने विश्वविद्यालयों और टेक्नोलॉजी हब्स में भी विदेशी टैलेंट को शामिल करने की योजना बना रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले वर्षों में ‘K Visa’ चीन को वैश्विक इनोवेशन और विज्ञान-तकनीक की रेस में मजबूत स्थिति दिला सकता है।
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