सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :चीन की सेना में आने वाले समय में पाँच बड़े और क्रांतिकारी बदलाव किए जा रहे हैं, जिन्हें राष्ट्रपति शी जिनपिंग के 8 साल बाद का सबसे बड़ा सैन्य फैसला माना जा रहा है। चीन लंबे समय से सेना को आधुनिक, तकनीक-केंद्रित और युद्ध-तैयार बल में बदलने की दिशा में काम कर रहा है, और अब यह सुधार तेज़ी से लागू किए जा रहे हैं।
पहला बड़ा बदलाव कमान संरचना में है, जहाँ पुरानी कमान को कम करके तेज़ निर्णय लेने की प्रणाली लाई जाएगी। दूसरा, AI, साइबर और ड्रोन युद्ध क्षमता को सेना की मुख्य रणनीति का हिस्सा बनाया जाएगा। तीसरा सुधार नौसेना और वायु सेना की ताकत बढ़ाने का है, जिससे दक्षिण चीन सागर और ताइवान स्ट्रेट में प्रभुत्व मजबूत हो।
चौथा बड़ा कदम बल संख्या कम कर, तकनीकी कौशल वाले सैनिकों की भर्ती पर जोर देना है। इससे युद्ध लड़ने की क्षमता स्मार्ट और हाई-टेक होगी। पाँचवाँ सुधार सैन्य-उद्योगिक ढांचे में है, ताकि हथियार उत्पादन, R&D और रक्षा प्रौद्योगिकी में चीन आत्मनिर्भर बन सके।
विशेषज्ञ मानते हैं कि ये कदम अमेरिका, भारत और जापान जैसी शक्तियों को ध्यान में रखकर उठाए गए हैं। इन सुधारों का उद्देश्य 2030 तक चीन को पूरी दुनिया की सबसे आधुनिक सेना बनाना है।
इन बड़े बदलावों से साफ है कि चीन सिर्फ तैयारी नहीं, बल्कि वैश्विक सैन्य ताकत बनने की रणनीति पर काम कर रहा है।
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