आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : NCB के पूर्व जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। समीर का कहना है कि उनके साथ बदले की भावना के साथ कार्रवाई की जा रही है। दरअसल CBI ने समीर को 18 मई को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। समीर CBI के समन के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट भी पहुंचे थे, लेकिन वहां से उन्हें निराशा ही मिली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अगर राहत चाहिए तो आप बॉम्बे हाईकोर्ट जाएं। अब समीर ने समन के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है। आज दोपहर 2.30 बजे इस केस पर सुनवाई होगी।
दरअसल समीर पर आरोप है कि उन्होंने शाहरुख खान के बेटे आर्यन को ड्रग्स केस में छोड़ने के एवज में 25 करोड़ रुपए की डिमांड की थी। इसके लिए उन्होंने केपी गोसावी नाम के एक शख्स को जिम्मेदारी दी थी। NCB के उपमहानिदेशक ज्ञानेश्वर सिंह ने जब इस मामले की जांच की तो काफी कुछ चीजें सामने आईं।
समीर के ऊपर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया
समीर वानखेड़े के खिलाफ हुए जांच में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला निकल कर आया। इस जांच में पता चला कि 2017 से 2021 के बीच में उन्होंने 6 विदेशी दौरे किए। इस दौरान वे ब्रिटेन, आयरलैंड, पुर्तगाल, दक्षिण अफ्रीका और मालदीव जैसों देशों में गए। चौंकाने वाली बात ये है कि उन्होंने इन दौरों का पूरा खर्चा 8.75 लाख रुपए तक बताया है, लेकिन इतना तो फ्लाइट के टिकट में ही लग जाता है।
इसके अलावा उन्होंने 22 लाख की सोने की घड़ी खरीदी, जिसकी जानकारी उन्होंने डिपार्टमेंट को नहीं दी। वे विदेश कब-कब गए, कहां रुके, कितने रुपए खर्च किए। इसकी सटीक जानकारी उन्होंने नहीं दी। जांच में ये सवाल खड़ा हुआ है कि जब समीर की सालाना कमाई 15.75 लाख रुपए हैं, वहीं उनकी पत्नी की कमाई 7 लाख रुपए है, तो फिर वे इतना महंगे-महंगे शौक कैसे पालते हैं।
आर्यन ड्रग्स केस की पूरी जानकारी सीनियर्स को दी थी, सबूत में चैट्स सौंपी
समीर वानखेड़े ने दिल्ली हाईकोर्ट में 18 मई को अपने बचाव में एक रिट दाखिल की। इसके तहत उन्होंने चैट्स की कुछ कॉपी मुहैया कराई है। इन चैट्स में सामने आया है कि उन्होंने अपने सीनियर अधिकारियों के साथ आर्यन खान के संबंध में बातचीत की थी। समीर के खिलाफ CBI ने आरोप लगाया है कि वे अपने अधिकारियों को संज्ञान में लिए बिना इस केस की जांच कर रहे थे।
अब समीर ने अपने सीनियर ज्ञानेश्वर सिंह के साथ इस केस के सिलसिले में हुई बातचीत का पूरा चैट कोर्ट में सबमिट किया है। दाखिल रिट के मुताबिक, आर्यन खान क्रूज ड्रग्स केस में NCB के जोनल डायरेक्टर रहे समीर वानखेड़े जांच और कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी हर डिटेल्स NCB के डीजी सत्यनारायण प्रधान, DDG अशोक मुथा जैन और DDG ज्ञानेश्वर सिंह को समय-समय पर देते रहे थे।
समीर का दावा- अधिकारियों को केस की पूरी जानकारी थी
चैट्स में जो अन्य बातें सामने आईं हैं कि उसके मुताबिक, DDG अशोक मुथा जैन ने समीर को निर्देश दिया था कि वो आर्यन खान की रिमांड के लिए और मजबूती से लड़ें। अशोक ने इसके लिए समीर को और एक्स्ट्रा स्टाफ देने की बात भी कही थी।
इस पूरे मामले में समीर पर आरोप लगा है कि उन्होंने आर्यन खान को छोड़ने के लिए 25 करोड़ रुपए की मांग की थी। इसके लिए उन्होंने केपी गोसावी नाम के एक शख्स को जिम्मेदारी दी थी। केपी गोसावी वही शख्स है जिसने NCB की गिरफ्त में रहे आर्यन खान के साथ सेल्फी ली थी।
CBI ने वानखेड़े के खिलाफ जो FIR दर्ज कराई है उसके मुताबिक, केपी गोसावी का NCB से कोई ताल्लुकात नहीं है। CBI का कहना है कि जब वहां NCB के अधिकारी मौजूद थे, तो फिर गोसावी को आर्यन के साथ क्यों लगाया गया।