सम्पादकीय

बांग्लादेश में अचानक अशांति: भारत-विरोधी भावनाएँ और क्षेत्रीय चुनौती

बांग्लादेश में शरीफ उस्मान हदीस की मृत्यु के बाद जिस प्रकार रातोंरात व्यापक विरोध-प्रदर्शन हुए और उनमें भारत-विरोधी नारों का

घृणा भाषण पर सख़्त कानून: लोकतंत्र, स्वतंत्रता और ज़िम्मेदारी

कर्नाटक विधानसभा द्वारा घृणा भाषण को गैर-जमानती अपराध घोषित करने और इसके लिए सात वर्ष तक की सज़ा का प्रावधान

वेनेजुएला नाकेबंदी: वैश्विक ऊर्जा, कूटनीति और सुरक्षा पर प्रभाव

अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के तेल टैंकरों की नौसैनिक नाकेबंदी का आदेश अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक ऊर्जा बाजार में नई ज्वलंत

आतंकवाद पर भारत की स्पष्ट नीति: अब दोहरे मानदंड नहीं

संयुक्त राष्ट्र के मंच से भारत द्वारा पाकिस्तान को आतंकवाद का वैश्विक केंद्र बताया जाना केवल कूटनीतिक बयान नहीं, बल्कि

रेपो रेट में कटौती: कर्ज़ राहत का अवसर और ज़िम्मेदारी

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा रेपो रेट में की गई कटौती ने एक बार फिर आम उपभोक्ताओं, विशेषकर होम लोन लेने

सोशल मीडिया जांच और एच-1बी का नया संकट

अमेरिका में काम कर रहे हजारों भारतीय पेशेवरों के लिए एच-1बी वीजा एक कानूनी प्रक्रिया भर नहीं, बल्कि जीवन की

भारत की अर्थव्यवस्था: मुफ़्त लिफ्ट नहीं, सुनियोजित संघर्ष का मार्ग

प्रधानमंत्री के मुख्य आर्थिक सलाहकार का यह कथन कि भारत को चीन जैसी “मुफ़्त लिफ्ट” नहीं मिलेगी, देश के आर्थिक

इंडिगो संकट: भारत की उड्डयन व्यवस्था के लिए एक चेतावनी

इंडिगो में उपजे अभूतपूर्व परिचालन संकट ने न केवल हजारों यात्रियों को प्रभावित किया, बल्कि भारत की उड्डयन नीति, नियामक

आसमान में अव्यवस्था, और जवाबदेही का अभाव

दिल्ली हाई कोर्ट का यह सवाल—“फ्लाइट टिकट 35–39 हजार रुपये कैसे पहुँच गए?”—केवल एक टिप्पणी नहीं, बल्कि भारत की विमानन

भारत का बदलता परिदृश्य: शासन, समाज और वैश्विक परिवर्तनों के बीच नई चुनौतियाँ

भारत आज उन परिस्थितियों से गुजर रहा है जहाँ घरेलू राजनीति, आर्थिक नीतियाँ, सामाजिक दबाव, तकनीकी बदलाव और वैश्विक समीकरण—सब